गोवा भूमि धोखाधड़ी मामले में ED ने PMLA के तहत कथित सरगना को गिरफ्तार किया
गोवा में उच्च मूल्य की अचल संपत्तियों के कथित फर्जी हस्तांतरण और अवैध कब्जे से जुड़े मामले में प्रवर्तन कार्रवाई तेज हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कथित अपराध से प्राप्त आय का प्रारंभिक आकलन कम से कम 300 करोड़ रुपये है और जांच अभी जारी है।
हाइलाइट्स
- ED ने 16 जुलाई 2026 को सिद्दीक खान उर्फ सुलेमान खान को PMLA के तहत कथित भूमि धोखाधड़ी गिरोह के सरगना के रूप में गिरफ्तार किया।
- पुलिस आरोपपत्र और जांच के अनुसार, गिरोह ने लगभग 25 हेक्टेयर (62.5 एकड़) जमीन फर्जी दस्तावेजों द्वारा अवैध रूप से अपने नाम दर्ज कराई।
- 300 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से प्राप्त आय का अस्थायी आकलन है; ED को 5 दिन की हिरासत मिली, संपत्तियों के लाभार्थियों और धन प्रवाह की जांच जारी।
गिरफ्तारी और जांच का आधार
जैसा कि Enforcement Directorate के अनुसार, गोवा के पणजी जोनल कार्यालय ने कर्नाटक के कारवार निवासी सिद्दीक खान उर्फ सुलेमान खान को 16 जुलाई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत गिरफ्तार किया। एजेंसी का कहना है कि आरोपी गोवा में उच्च मूल्य की जमीनों पर बड़े पैमाने पर कथित अवैध कब्जे के एक संगठित गिरोह का मुख्य सूत्रधार और प्रमुख लाभार्थी है।ED ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच गोवा पुलिस द्वारा आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामलों के आधार पर शुरू की। ये मामले जालसाजी, धोखाधड़ी और अचल संपत्तियों के कथित फर्जी हस्तांतरण से जुड़े हैं, जिन्हें PMLA के तहत अनुसूचित अपराध माना जाता है, जबकि राज्य पुलिस इन मामलों में आरोपपत्र भी दाखिल कर चुकी है।
संपत्तियों का दायरा और आगे की कार्रवाई
जांच में एजेंसी को पता चला है कि गिरोह ने कथित तौर पर फर्जी और पूर्व दिनांकित बिक्री विलेख तथा स्वामित्व दस्तावेज तैयार किए, जिनमें कई मामलों में वास्तविक मालिकों के मृतक या काल्पनिक पूर्वजों के नाम इस्तेमाल किए गए। ED के अनुसार, इन दस्तावेजों के जरिए आधिकारिक भूमि अभिलेखों में कथित रूप से हेरफेर कर जमीनों का स्वामित्व आरोपी और उसके सहयोगियों के पक्ष में दर्ज कराया गया।एजेंसी का कहना है कि इस तरह हासिल की गई संपत्तियों को बाद में बेचा गया, विकसित किया गया या उनसे कमाई करने की कोशिश की गई, जिससे कथित अपराध से प्राप्त आय उत्पन्न हुई। आरोपी के behalf पर कथित रूप से हासिल और धारण की गई अचल संपत्तियां लगभग 25 हेक्टेयर, यानी करीब 62.5 एकड़, बताई गई हैं।
ED के अनुसार, चूंकि इन संपत्तियों के लिए कोई वास्तविक भुगतान नहीं किया गया और स्वामित्व कथित जालसाजी के जरिये हासिल किया गया, इसलिए अपराध से प्राप्त आय का अस्थायी आकलन कम से कम 300 करोड़ रुपये है, हालांकि अंतिम गणना अभी बाकी है। आरोपी को विशेष PMLA अदालत, उत्तर गोवा के समक्ष पेश किए जाने के बाद एजेंसी को पांच दिन की हिरासत मिली है ताकि धन के पूरे प्रवाह, कथित दागी संपत्तियों और अन्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके।
हमारी पिछली रिपोर्ट में आतंकी फंडिंग और अवैध घुसपैठ से जुड़े कथित नेटवर्क पर ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कई राज्यों में चलाए गए तलाशी अभियान का विवरण था। इसमें नकदी, सोना, दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जब्ती के साथ-साथ फर्जी पहचान दस्तावेज, मानव तस्करी और ट्रस्ट/संस्थाओं के जरिए कथित परतदार लेनदेन व म्यूल खातों के इस्तेमाल जैसे पहलुओं का जिक्र किया गया था।
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