भारत का माल निर्यात अगस्त में 26% बढ़ा, व्यापार घाटा घटा

भारत का माल निर्यात अगस्त में 26% बढ़ा, व्यापार घाटा घटा
निर्यात में 26% उछाल

वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के व्यापार आंकड़े अगस्त में निर्यात गति के मजबूत होने का संकेत देते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, लौह अयस्क और पेट्रोलियम उत्पादों की तेज शिपमेंट के साथ कुल व्यापार घाटा घटकर 9.41 अरब डॉलर रह जाता है।

हाइलाइट्स

  • अगस्त 2023 में भारत का माल निर्यात 26.1 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर रहा, जो जून 2022 के बाद सबसे तेज मासिक उछाल है।
  • अगस्त में कुल निर्यात (माल व सेवाएं) 25.4 प्रतिशत बढ़कर 82.68 अरब डॉलर व कुल आयात 18.8 प्रतिशत बढ़कर 92.09 अरब डॉलर हुआ।
  • अगस्त का व्यापार घाटा घटकर 9.41 अरब डॉलर रहा, जिसमें सोने का आयात 57.75 प्रतिशत गिरने से आयात बिल पर राहत मिली।

अगस्त व्यापार आंकड़ों में तेज निर्यात उछाल

Forbes India के अनुसार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के नवीनतम व्यापार अनुमान के अनुसार, भारत का माल निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.1 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो जाता है, जो एक साल पहले 34.74 अरब डॉलर था। यह बढ़ोतरी जून 2022 के बाद सबसे तेज मासिक उछालों में से एक है और अप्रैल से अगस्त की संचयी निर्यात राशि को 215.9 अरब डॉलर तक पहुंचा देती है, जो पिछले साल की समान अवधि से 17.8 प्रतिशत अधिक है।

सेवाओं को शामिल करने पर भारत का कुल निर्यात अगस्त में 25.4 प्रतिशत बढ़कर 82.68 अरब डॉलर हो जाता है, जबकि एक साल पहले यह 65.93 अरब डॉलर था. माल आयात 14.1 प्रतिशत की अपेक्षाकृत धीमी दर से बढ़कर 70.67 अरब डॉलर होता है, जबकि वस्तुओं और सेवाओं सहित कुल आयात 18.8 प्रतिशत बढ़कर 92.09 अरब डॉलर पर पहुंचता है।

निर्यात श्रेणियों में लौह अयस्क 126 प्रतिशत की छलांग के साथ सबसे आगे रहता है। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान 89.8 प्रतिशत और पेट्रोलियम उत्पाद 63.3 प्रतिशत बढ़ते हैं, जबकि मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद 37.08 प्रतिशत तथा समुद्री उत्पाद 27.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हैं। इसके विपरीत, ऑयल मील्स में 48.14 प्रतिशत, अन्य अनाज में 31.69 प्रतिशत और चाय में 12.45 प्रतिशत की गिरावट जारी रहती है।

आयात रुझान और क्षेत्रीय प्रभाव

आयात पक्ष में सल्फर और बिना भुना लौह पाइराइट्स 700.31 प्रतिशत की उछाल दर्ज करते हैं, जबकि प्रोजेक्ट गुड्स 337.9 प्रतिशत और चांदी 127.06 प्रतिशत बढ़ते हैं। इसके साथ ही, भारत की सबसे बड़ी आयात श्रेणी कच्चे पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद 25.84 प्रतिशत बढ़ती है और इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 40.5 प्रतिशत ऊपर जाता है।

हालांकि, सोने का आयात 57.75 प्रतिशत घटता है, जिससे कुल आयात बिल पर कुछ राहत मिलती है। इसी पृष्ठभूमि में अगस्त का कुल व्यापार घाटा 9.41 अरब डॉलर तक सिमट जाता है, जो एक साल पहले 11.62 अरब डॉलर था, और यह उस अस्थिर प्रवृत्ति को आगे बढ़ाता है जिसमें अंतर अक्टूबर 2025 में 42 अरब डॉलर से ऊपर तक चौड़ा हो गया था, फिर 2026 की शुरुआत में कुछ नरम पड़ा।

भारत के चालू खाते के घाटे (CAD) पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि पश्चिम एशिया तनाव और ऊंची कमोडिटी/कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद Q1 FY2027 में CAD सीमित रहा। हालांकि तिमाही में व्यापार घाटा बढ़ा, लेकिन शुद्ध अदृश्य आय के मजबूत विस्तार ने दबाव को काफी हद तक संतुलित किया और FCNR(B) जैसे प्रवाहों के जरिए FY2027 में भंडार में फिर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।

इस सामग्री में तृतीय-पक्ष की राय शामिल हो सकती है, इस वेबपेज पर कोई भी डेटा और जानकारी हमारे अस्वीकरण के अनुसार निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। जबकि हम सख्त संपादकीय अखंडता का पालन करते हैं, इस पोस्ट में हमारे भागीदारों के उत्पादों के संदर्भ शामिल हो सकते हैं।