छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में ED ने गिरफ्तारी की, 147 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जांच तेज

छत्तीसगढ़ कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में ED ने गिरफ्तारी की, 147 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की जांच तेज
147 करोड़ वसूली कांड

छत्तीसगढ़ में कस्टम राइस मिलिंग प्रोत्साहन भुगतान से जुड़ी कथित अवैध वसूली की जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने राम गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का कहना है कि यह मामला राइस मिलरों से लगभग 147 करोड़ रुपये की नकद वसूली से जुड़ा है और विशेष अदालत ने उन्हें पांच दिन की ED हिरासत में भेजा है।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने 9 अक्टूबर 2026 को राम गोपाल अग्रवाल को 147 करोड़ रुपये के कथित कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार किया।
  • ED ने खुलासा किया कि 2021-22 धान खरीफ सीजन में प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई, जिसके बदले मिलरों से 20 रुपये प्रति क्विंटल अवैध रूप से वसूला गया।
  • दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के दौरान बिल रोककर करीब 147 करोड़ रुपये नकद वसूले गए, जिन्हें PMLA के तहत अपराध से अर्जित आय माना गया।

जांच की रूपरेखा और गिरफ्तारी का आधार

जैसा कि Enforcement Directorate ने बताया, रायपुर जोनल कार्यालय ने राम गोपाल अग्रवाल को 09.10.2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। एजेंसी ने कहा कि जांच आयकर विभाग की ओर से दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसके बाद ACB/EOW, रायपुर ने IPC, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत FIR भी दर्ज की।

एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अग्रवाल को विशेष न्यायालय, PMLA, रायपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने पांच दिन की ED हिरासत मंजूर की। ED का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह टालमटोल और असहयोगी पाए गए तथा कथित अपराध से अर्जित धन की वसूली, प्रबंधन और उपयोग से जुड़ी प्रासंगिक जानकारी नहीं दी।

प्रोत्साहन भुगतान तंत्र और क्षेत्रीय असर

जांच में ED ने कहा कि खरीफ सीजन 2021-22 के लिए कस्टम राइस मिलिंग का विशेष प्रोत्साहन 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल किया गया था। इसके बाद, एजेंसी के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और MARKFED अधिकारियों से जुड़े एक कथित सिंडिकेट ने प्रोत्साहन भुगतान जारी करने के बदले राइस मिलरों से 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नकद वसूली की।

ED के अनुसार, जिन मिलरों ने कथित अवैध भुगतान से इनकार किया, उनके बिल जानबूझकर रोके गए। एजेंसी का आरोप है कि दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरीके से लगभग 147 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई, जिसे PMLA के तहत अपराध से अर्जित आय माना गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि राम गोपाल अग्रवाल ने कथित रूप से नकद वसूली के संगठन, निगरानी और नियंत्रण में प्रमुख भूमिका निभाई। ED के अनुसार, जिला स्तर पर एकत्र नकदी का ब्योरा एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को दिया जाता था, जो कथित तौर पर जिला-वार संग्रह विवरण सत्यापन के लिए अग्रवाल को भेजते थे, और बाद में नकदी उनके द्वारा नामित व्यक्तियों तक पहुंचाई जाती थी। ED ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में केरल में सहकारी समितियों और बैंकों से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामलों पर ED की PMLA के तहत चल रही जांच का विवरण था, जहां 27 मामलों में लगभग 550 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय का आकलन किया गया। इसमें 7 अक्टूबर 2026 को तीन प्रमुख मामलों से जुड़े 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी, दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य की जब्ती और जमाकर्ताओं की प्रतिपूर्ति के लिए कथित संपत्तियों/जमाओं को फ्रीज करने जैसी कार्रवाइयों पर फोकस किया गया था।

इस सामग्री में तृतीय-पक्ष की राय शामिल हो सकती है, इस वेबपेज पर कोई भी डेटा और जानकारी हमारे अस्वीकरण के अनुसार निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। जबकि हम सख्त संपादकीय अखंडता का पालन करते हैं, इस पोस्ट में हमारे भागीदारों के उत्पादों के संदर्भ शामिल हो सकते हैं।