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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Supriya Shrinate के अनुसार, भारतीय इक्विटी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की होल्डिंग्स दो दशक के निचले स्तर पर पहुँची हैं। Shrinate ने जोर दिया कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में लगातार रिकॉर्ड स्तर के FPI आउटफ्लो दर्ज हुए हैं। वर्ष 2025 की शुरुआत से ही विदेशी निवेशकों का भारत से पलायन तेज हुआ है, जिससे बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक निवेशक धारणा में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार की स्थिरता पर असर पड़ सकता है। वित्तीय नीतियों और वैश्विक कारकों के प्रभाव को देखते हुए आने वाले समय में निवेशकों की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
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Shrinate has previously highlighted a decline in India's stock market capitalization rankings. In another report, she raised concerns over GDP growth following recent official data. These developments follow a series of cautious views on India's economic outlook.