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Dr Arvind Virmani ने घाटे में चल रही कंपनियों के अस्तित्व में सब्सिडी की भूमिका उजागर की

Dr Arvind Virmani ने घाटे में चल रही कंपनियों के अस्तित्व में सब्सिडी की भूमिका उजागर की
घाटे में चल रही कंपनियां और सब्सिडी

Dr Arvind Virmani ने एक ट्वीट में बताया कि घाटा उठाने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी 25% है, फिर भी वे कारोबार में बनी रहती हैं। उन्होंने इसके लिए सरकारी सब्सिडी को प्रमुख कारण बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, सब्सिडी से संबंधित नीतियों के परिणामस्वरूप कमजोर वित्तीय प्रदर्शन वाली कंपनियां भी बाजार में सक्रिय बनी रह सकती हैं। यह रुझान नीतिगत समीक्षा तथा सुधार की आवश्यकता को इंगित करता है।

Virmani has previously examined the role of economic controls and the importance of reforming restrictive policies, as noted in his comments on curbing state interventions. He has also analyzed international cases, such as China's experience with FDI ownership liberalization and its impact on output and productivity growth. These observations align with his ongoing focus on the effects of policy decisions on market performance.

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