ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Shruti Rajagopalan ने याद दिलाया कि 24 जुलाई 1991 को डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने बजट भाषण में विक्टर ह्यूगो का सन्दर्भ देते हुए भारत में आर्थिक स्वतंत्रता की शुरुआत की थी। इस ऐतिहासिक भाषण में 'लाइसेंस-परमिट-राज' को समाप्त कर बाजार आधारित मूल्य निर्धारण और आर्थिक सुधारों को लागू करने का संकल्प लिया गया था। इस पहल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को उदारीकरण की ओर अग्रसर किया और अंतरराष्ट्रीय निवेश एवं व्यापार के नए द्वार खोले। तीन दशकों से अधिक समय बाद, यह बदलाव भारत की विकास गाथा का आधार बन चुका है।
Rajagopalan has also addressed the participation of youth in India’s electric vehicle sector in collaboration with industry voices such as ionkarbatra and TheRealNamzoo. In that discussion, she focused on youth involvement and related policy grants. The commentary adds further context to her coverage of India’s evolving economic framework.