ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Supriya Shrinate ने NITI Aayog की हालिया रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए युवा और महिला श्रमिकों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 8.7 करोड़ युवा (15-29 वर्ष) न तो पढ़ाई कर रहे हैं, न काम कर रहे हैं और न ही किसी प्रशिक्षण में लगे हैं। महिलाओं की औपचारिक रोजगार भागीदारी मात्र 3% है, जबकि केवल 8.25% स्नातकों को उनकी योग्यता के अनुरूप नौकरी मिल रही है। स्नातक बेरोजगारी दर 13% है, जिसमें महिलाओं के लिए यह आंकड़ा 20.4% तक पहुंच गया है। Shrinate ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल सरकारी आंकड़े हैं, जमीनी हकीकत और गंभीर हो सकती है। ये आंकड़े भारत के श्रम बाजार में संरचनात्मक चुनौतियों और लैंगिक विषमता की ओर स्पष्ट इशारा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार अवसरों का विस्तार और शिक्षा-रोजगार के बीच तालमेल आवश्यक है।
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Supriya Shrinate पहले भी विदेशी कंपनियों और बाजार खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। हाल ही में उन्होंने अमेरिका की अदालत द्वारा अदानी के खिलाफ रिज़र्व केस को खारिज किए जाने की खबर पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी थी। इन बयानों के साथ, श्रमिक और रोजगार आंकड़ों पर उनकी टिप्पणियां नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।