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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) अगले वर्ष से कमोडिटी बाजारों में को-लोकेशन सुविधा की अनुमति देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। वर्तमान में यह सुविधा केवल इक्विटी सेगमेंट में दो दशकों से उपलब्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि को-लोकेशन से ट्रेडर्स को तेजी से ऑर्डर निष्पादन, टाइटर स्प्रेड और बेहतर कीमतें मिलेंगी। इससे बाजार में तरलता बढ़ेगी और विदेशी निवेशकों की रुचि भी आकर्षित हो सकती है। Dr. Rakesh Bansal के अनुसार, यह कदम कमोडिटी मार्केट्स की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में सहायक होगा।
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डॉ. राकेश बंसल ने हाल ही में IDBI बैंक में फेयरफैक्स की हिस्सेदारी से जुड़े घटनाक्रम पर भी टिप्पणी की थी। एक अन्य विश्लेषण में वे BookMyShow के लाइव इवेंट कारोबार की वृद्धि का उल्लेख कर चुके हैं। दोनों घटनाएं हाल के बाजार गतिविधियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाती हैं।