ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Ajay Kashyap के अनुसार, भारतीय रुपया लगातार 9वें वर्ष अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ने की राह पर है। अगर यह सिलसिला जारी रहता है, तो यह अब तक की सबसे लंबी गिरावट होगी। आर्थिक जानकारों का मानना है कि रुपये में कमजोरी की मुख्य वजह विदेशी पूंजी की निकासी, तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितताएं रही हैं। इसके चलते आयात लागत बढ़ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की आशंका है। बाजार विशेषज्ञ आगामी कई महीनों के लिए रुपये की स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
X पर पोस्ट देखें लोड हो रहा है...
इस बीच, अजय कश्यप ने पिछली रिपोर्ट में बताया था कि पीयूष गोयल ने BRICS देशों में स्थानीय मुद्रा व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इससे पहले उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ड्रग्स रोकथाम के लिए नई Darknet-Crypto सेल गठित करने की जानकारी भी दी थी। इन घटनाओं के बीच रुपया और आर्थिक माहौल पर बाजार की नजर बनी हुई है।