भारत में Tesla की EV विनिर्माण योजना पर वायरल दावे खारिज, निवेश रुख अनिश्चित बना
भारत में Tesla की EV फैक्टरी योजना रद्द होने के वायरल दावों ने 19 मई को ऑटो और निवेश परिदृश्य में भ्रम बढ़ा दिया। बाद में भारी उद्योग मंत्रालय के सूत्र इन दावों को निराधार बताते हैं और कहते हैं कि मंत्री की कोई नई टिप्पणी इस आशय की नहीं है।
हाइलाइट्स
- Tesla ने भारत में EV विनिर्माण संयंत्र छोड़ने की योजना संबंधी वायरल दावों का भारी उद्योग मंत्रालय ने खंडन किया है।
- भारत EV उत्पादन में निवेश आकर्षित करने हेतु $500 मिलियन निवेश पर सीमित गाड़ियों के लिए आयात शुल्क 70% से घटाकर 15% तक कर सकता है।
- Elon Musk की 2024 में पीएम मोदी से मुलाकात और $3 अरब निवेश घोषणाएं स्थगित हैं, जबकि Tesla की भारत में विनिर्माण स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
वायरल दावे और मंत्रालय की प्रतिक्रिया
Financial Express के अनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय के भीतर के सूत्र कहते हैं कि Tesla ने भारत में विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की अपनी योजना छोड़ने पर मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की ओर से कोई ताजा बयान नहीं दिया है। उनके मुताबिक, कई विदेशी वेबसाइटों और सोशल मीडिया पोस्टों ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों का हवाला देकर अपुष्ट दावों को आधिकारिक निर्णय की तरह पेश किया।
रिपोर्ट में Eletric-Vehicles.com और Futunn.com सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों का उल्लेख है, जिन्होंने कहा कि Tesla ने भारत में विनिर्माण संयंत्र बनाने की योजना औपचारिक रूप से छोड़ दी है। मंत्रालय के सूत्र इन खबरों को भ्रामक बताते हैं और कहते हैं कि पिछले वर्ष की टिप्पणी को मौजूदा घटनाक्रम की तरह इस्तेमाल किया गया।
सोशल मीडिया पर भी यह दावा तेजी से फैला, जिसमें कुछ पोस्टों ने यह तक गलत बताया कि केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ही भारी उद्योग मंत्री हैं। इस तरह की गलत पहचान और पुराने बयानों के पुनर्प्रसार ने Tesla की भारत रणनीति को लेकर भ्रम और बढ़ाया।
पुराने बयान, शुल्क नीति और निवेश पर असर
मंत्रालय के सूत्रों के स्पष्टीकरण के साथ यह भी साफ होता है कि कुमारस्वामी ने Tesla की भारत में विनिर्माण रुचि पर टिप्पणी की थी, लेकिन वह हाल की नहीं थी। उस समय उन्होंने कहा था कि Mercedes-Benz, Skoda-Volkswagen, Hyundai और Kia ने भारत में इलेक्ट्रिक कार निर्माण में रुचि दिखाई है, जबकि Tesla मुख्य रूप से शोरूम शुरू करने में रुचि दिखा रही थी।इस बीच, भारत विदेशी वाहन निर्माताओं के लिए EV निवेश आकर्षित करने को शुल्क ढांचे में रियायत की पेशकश करता है। योजना के तहत, यदि कोई कंपनी भारत में EV निर्माण और विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर का निवेश करती है, तो उसे सीमित संख्या में इलेक्ट्रिक कारें 15% शुल्क पर आयात करने की अनुमति मिल सकती है, जो पहले 70% था।
Tesla की भारत में खुदरा उपस्थिति अब गुरुग्राम, नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु तक पहुंच चुकी है, लेकिन विनिर्माण पर उसका रुख फिलहाल ठहरा हुआ बताया जाता है। Reuters के हवाले से पाठ में कहा गया है कि Elon Musk की 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और 3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की योजना थी, जिसे बाद में टाल दिया गया; इसके बाद फरवरी 2025 में Donald Trump की टिप्पणी और इससे पहले 2022 में स्थानीय उत्पादन पर भारत के जोर ने भी कंपनी की रणनीति को प्रभावित किया।
हमारी पिछली रिपोर्ट में Tesla के सामने बढ़ती नियामकीय और कानूनी चुनौतियों तथा टेक्सास lithium रिफाइनरी से जुड़े पर्यावरणीय जोखिमों पर फोकस किया गया था, जिनका असर TSLA की धारणा पर दिखा। उस लेख में तकनीकी संकेतकों के आधार पर स्टॉक के लिए $400–$422 की संभावित साप्ताहिक ट्रेडिंग रेंज और $400 के आसपास प्रमुख समर्थन स्तरों को रेखांकित किया गया था।
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