Hyundai Motor India का FY26 मुनाफा घटा, FY27 वृद्धि के लिए 7,500 करोड़ रुपये कैपेक्स तय

Hyundai Motor India का FY26 मुनाफा घटा, FY27 वृद्धि के लिए 7,500 करोड़ रुपये कैपेक्स तय
Hyundai का FY26 लाभ घटा

पश्चिम एशिया संकट से कमोडिटी लागत बढ़ने के बीच Hyundai Motor India का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 में 3.7 प्रतिशत घटकर 5,432 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी मई में कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जबकि दो नए मॉडलों की लॉन्चिंग के सहारे वह वित्त वर्ष 2027 में घरेलू और निर्यात वॉल्यूम 8-10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद कर रही है।

हाइलाइट्स

  • Hyundai Motor India का FY26 मुनाफा 22 प्रतिशत गिरकर 1,256 करोड़ रुपये हुआ, जबकि राजस्व 2.3 प्रतिशत बढ़कर 70,763 करोड़ रुपये पहुंचा।
  • FY27 में कंपनी 7,500 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय करेगी, जिसमें 50 प्रतिशत नए उत्पाद, EV लॉन्च और संयंत्र विस्तार पर खर्च होगा।
  • FY27 में Hyundai India घरेलू और निर्यात वॉल्यूम 8-10 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद रखती है, EV व मिड-SUV के नए मॉडल लॉन्च होंगे।

वित्त वर्ष 2026 नतीजे और निवेश योजना

Forbes India के अनुसार, कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2026 में 2.3 प्रतिशत बढ़कर 70,763 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 69,193 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन 70 आधार अंक घटकर 12.2 प्रतिशत पर आ गया, हालांकि यह कंपनी के 11-14 प्रतिशत के मार्गदर्शन के भीतर है, जिसे उसने चालू वित्त वर्ष के लिए बरकरार रखा है।

घरेलू वॉल्यूम 1.7 प्रतिशत बढ़कर 7,75,031 इकाई हो गया, जबकि निर्यात 16.4 प्रतिशत उछलकर 1,90,125 इकाई तक पहुंच गया। भू-राजनीतिक व्यवधानों के बावजूद दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता ने लैटिन अमेरिका और मेक्सिको जैसे बाजारों पर फोकस बढ़ाया, जिससे निर्यात प्रदर्शन मजबूत रहा।

वृद्धि योजना को सहारा देने के लिए कंपनी चालू वित्त वर्ष में 7,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करेगी, जो हाल के वर्षों में सबसे ऊंचा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी Tarun Garg ने पुणे संयंत्र में फेज-2 विस्तार के बाद 70,000 इकाई की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की घोषणा की, जिससे 2030 तक कुल क्षमता 11.4 लाख इकाई हो जाएगी।

7,500 करोड़ रुपये के कैपेक्स का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा नए उत्पादों और उनसे जुड़े निवेश पर जाएगा, जबकि बाकी राशि पुणे संयंत्र विस्तार और चेन्नई संयंत्र के उन्नयन पर खर्च होगी। मार्च 2026 के अंत तक नकद और नकद समकक्ष लगभग दोगुना होकर 8,712 करोड़ रुपये हो गए, जो एक साल पहले 4,846 करोड़ रुपये थे। बोर्ड ने 1,706 करोड़ रुपये के लाभांश, या 21 रुपये प्रति शेयर, की सिफारिश की है, जो समेकित लाभ का 31.4 प्रतिशत है।

FY27 वृद्धि, मॉडल लॉन्च और बाजार प्रभाव

कंपनी वित्त वर्ष 2027 को लेकर आशावादी है और उसे उम्मीद है कि घरेलू तथा निर्यात दोनों वॉल्यूम 8-10 प्रतिशत बढ़ेंगे। यह वृद्धि दो नए नेमप्लेट के लॉन्च से समर्थित होगी, जिनमें एक EV होगा, जो कॉम्पैक्ट SUV श्रेणी में Hyundai की एंट्री कराएगा, और दूसरा मिड-SUV सेगमेंट का ICE मॉडल होगा, जहां कंपनी Creta के साथ पहले से अग्रणी है।

Tarun Garg ने शुक्रवार को आय नतीजों के बाद मीडिया कॉल में कहा कि पिछले चार महीनों की वृद्धि मौजूदा मॉडलों और नई Venue से आई है। उनके मुताबिक GST के बाद मांग में अच्छा रुझान दिखा है और कंपनी को उम्मीद है कि यह कम से कम अगस्त-सितंबर तक जारी रहेगा, जिसके बाद कम आधार का प्रभाव कम होना शुरू होगा।

31 मार्च को समाप्त तिमाही में कंपनी का मुनाफा 22 प्रतिशत घटकर 1,256 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व 5.4 प्रतिशत बढ़कर 18,916 करोड़ रुपये हो गया। चौथी तिमाही में ग्रामीण पहुंच 25 प्रतिशत के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची, वहीं CNG की बिक्री हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 13 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई।

SUV अब Hyundai India के पोर्टफोलियो का 68 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं, जबकि हैचबैक 18 प्रतिशत और सेडान 13 प्रतिशत योगदान देते हैं। यह मिश्रण दिखाता है कि कंपनी का झुकाव अधिक मांग वाले उपयोगिता वाहन खंड की ओर बढ़ रहा है, जिससे आने वाले मॉडल लॉन्च और क्षमता विस्तार का प्रभाव भारतीय यात्री वाहन बाजार में और स्पष्ट हो सकता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय से बनी बाधा और पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते CEAT की सप्लाई चेन व कच्चे माल की लागत पर बढ़ते दबाव पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि कंपनी ने निर्यात में रुकावट की भरपाई के लिए यूरोप, U.S. और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों की ओर शिपमेंट मोड़े, साथ ही लागत बढ़ोतरी को संभालने के लिए टायर कीमतों में चरणबद्ध बढ़ोतरी की संभावना जताई। रिपोर्ट में Camso एकीकरण के जरिए FY27 तक निर्यात हिस्सेदारी बढ़ाने और ऑफ-हाइवे/स्पेशल्टी व EV-उन्मुख टायरों पर फोकस जैसी दीर्घकालिक दिशा भी रेखांकित की गई थी।

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