EY ने कहा, एआई भारत के आईटी सेवा रोजगार मॉडल को बदल सकता है
भारत की सेवा-निर्यात आधारित वृद्धि के केंद्र में रहे आईटी और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट क्षेत्रों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का असर अब दीर्घकालिक नीति चुनौती के रूप में उभर रहा है। EY का कहना है कि एआई उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा देता है, लेकिन तेज पुनर्कौशल के बिना यह कुशल कार्यबल की नौकरी संरचना और वृद्धि मॉडल दोनों को प्रभावित कर सकता है।
हाइलाइट्स
- EY की मई 2026 Economy Watch रिपोर्ट के अनुसार, generative AI और automation के कारण भारत के आईटी-सक्षम सेवा निर्यात क्षेत्र में रोजगार जोखिम बढ़ सकते हैं।
- AI उत्पादकता और दक्षता बढ़ाते हुए नियमित white-collar भूमिकाओं की मांग घटा सकता है, जिससे कर्मचारी यदि re-skill/up-skill न करें तो विस्थापन संभव है।
- EY ने भारत की दीर्घकालिक तेज वृद्धि की संभावना पर भरोसा जताया, लेकिन भू-राजनीतिक, तकनीकी और ऊर्जा जोखिमों के बीच समन्वित नीति प्रतिक्रिया और कौशल विकास की मांग की।
रिपोर्ट की प्रमुख चेतावनी
FinancialExpress.com की रिपोर्ट के अनुसार, EY ने अपनी मई 2026 की Economy Watch रिपोर्ट में कहा कि generative AI और automation tools का तेज विकास वैश्विक रोजगार पैटर्न को बदलने की संभावना रखता है, और इसका भारत पर विशेष असर पड़ सकता है क्योंकि उसके सेवा निर्यात में आईटी और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट की बड़ी हिस्सेदारी है। परामर्श कंपनी ने कहा कि एआई का लाभ उत्पादकता बढ़ाने और लागत घटाने में दिख रहा है, लेकिन यही बदलाव कुछ white-collar भूमिकाओं पर दबाव भी बना सकता है।
EY के मुताबिक, एआई एक तरफ दक्षता, नवाचार और उच्च-मूल्य सेवाओं के नए अवसर खोलता है, वहीं दूसरी तरफ वह उन नियमित कार्यों की मांग घटा सकता है जिन पर आईटी-सक्षम सेवा निर्यात लंबे समय से आधारित रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कर्मचारी बदलती कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप जल्दी अनुकूलन नहीं कर पाते, तो तकनीकी व्यवधान से रोजगार पर जोखिम बढ़ सकता है।
कंपनी ने नीति-निर्माताओं और उद्योग से re-skilling और up-skilling कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की अपील की है। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा और प्रशिक्षण सुधार, नवाचार पारितंत्र को समर्थन, उच्च-मूल्य घरेलू उत्पादन के लिए प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा उपाय इस बदलाव को संतुलित करने के लिए जरूरी होंगे।
भारत की वृद्धि पर व्यापक असर
EY ने रोजगार जोखिमों के बावजूद भारत की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं पर भरोसा जताया है। Organisation for Economic Co-operation and Development के अनुमानों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुकूल परिस्थितियों में भारत 2063 तक क्रय शक्ति समता के आधार पर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेज वृद्धि बनाए रख सकता है।हालांकि, EY ने यह भी कहा है कि इस राह को बनाए रखने के लिए सक्रिय नीतिगत कदम जरूरी हैं। रिपोर्ट में एआई के अलावा भू-राजनीतिक व्यवधान, ऊर्जा सुरक्षा चिंताएं और व्यापक तकनीकी बदलाव जैसे जोखिमों को भी रेखांकित किया गया है, जो भारत की दीर्घकालिक वृद्धि दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
परामर्श कंपनी के अनुसार, यदि समय रहते समन्वित नीति प्रतिक्रिया नहीं दी गई, तो कुशल कार्यबल का एक हिस्सा विस्थापित हो सकता है और सेवा-निर्यात आधारित आर्थिक ढांचे की प्रकृति बदल सकती है। EY ने निष्कर्ष निकाला कि भारत को एआई के लाभ हासिल करने के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और समावेशी वृद्धि बनाए रखने के लिए नई विकास रणनीति अपनानी होगी।
हमारी पिछली रिपोर्ट में Dell Technologies के शेयर में तेज़ उछाल और इसके पीछे AI सर्वर राजस्व में मजबूत वृद्धि व पूरे साल के लिए बेहतर मार्गदर्शन पर चर्चा की गई थी। लेख में यह भी बताया गया था कि कंपनी का AI इन्फ्रास्ट्रक्चर सप्लायर की ओर रूपांतरण निवेशकों की धारणा को समर्थन दे रहा है, हालांकि तकनीकी संकेतकों के आधार पर ओवरबॉट स्थिति और अल्पकालिक वोलैटिलिटी/पुलबैक का जोखिम बना हुआ है।
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