भारत में AI अपनाने से रोजगार सृजन बढ़ेगा, पीयूष गोयल ने कारोबारों से व्यापक उपयोग की अपील की
मुंबई में वित्तीय क्षेत्र के एक प्रमुख उद्योग मंच पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल कहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत के लिए खतरे के बजाय विकास और रोजगार के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश में AI का उपयोग अभी बड़े पैमाने पर हो रहा है, लेकिन इसका अधिकतर हिस्सा केवल बुनियादी खोज तक सीमित है, जबकि कंपनियों को इसे संगठनों में व्यावहारिक रूप से लागू करने पर ध्यान देना चाहिए।
हाइलाइट्स
- पीयूष गोयल ने 7 जून को Mumbai में कारोबारों से AI को व्यापक रूप से अपनाने और कर्मचारियों के हर स्तर पर इसकी समझ विकसित करने का आह्वान किया।
- गोयल ने कहा AI शोध, विश्लेषण व उत्पादकता में तो मदद करेगा, लेकिन अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी मनुष्य की बनी रहेगी।
- AI के बढ़ते उपयोग से भारत में रोजगार सृजन, नई सेवाएं व कौशल की मांग बढ़ेगी, कंपनियों को लगातार बदलते साइबर ख़तरों का भी सामना करना होगा।
मुंबई कार्यक्रम में AI उपयोग पर जोर
Financial Express के अनुसार, Financial Express Best Banks Awards 2026 में बोलते हुए गोयल ने कारोबारों से कहा कि वे AI को केवल सर्च इंजन के विकल्प की तरह इस्तेमाल करने से आगे बढ़ें और कर्मचारियों के हर स्तर पर इसकी समझ विकसित करें। उनका कहना है कि कंपनियां AI के लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन असली चुनौती यह है कि क्या संगठन में चपरासी से लेकर CEO तक सभी इसकी क्षमता और सीमाओं को समझ रहे हैं।
गोयल कहते हैं कि भारत ChatGPT जैसे उपकरणों के सबसे बड़े उपयोगकर्ता आधारों में शामिल है, लेकिन इसका बहुत बड़ा हिस्सा अब भी Google के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने आगाह किया कि बेहतर प्रश्न पूछने पर बेहतर उत्तर मिल सकते हैं, फिर भी AI के जवाबों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री का कहना है कि AI शोध, विश्लेषण और उत्पादकता में मदद कर सकता है, लेकिन अंतिम सत्यापन मनुष्यों को ही करना होगा। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि अलग-अलग AI प्लेटफॉर्म से एक ही विषय पर रिसर्च रिपोर्ट तैयार कराई जा सकती है, पर हर पंक्ति को सावधानी से पढ़ना जरूरी रहता है।
रोजगार, साइबर सुरक्षा और वित्तीय क्षेत्र पर असर
गोयल बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए AI को अंततः भारत के लिए रोजगार सृजक बताते हैं। उन्होंने Y2K काल का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीकी बदलाव अक्सर नए अवसर पैदा करते हैं, जैसे उस दौर के बाद सॉफ्टवेयर उद्योग ने तेज वृद्धि देखी थी।उनके अनुसार, AI नए उत्पादों, सेवाओं और विशेष कौशल की मांग बढ़ाएगा। कारोबारों को ऐसे पेशेवरों की जरूरत होगी जो व्यावहारिक AI एप्लिकेशन विकसित करें, सिस्टम की निगरानी करें और तकनीक के साथ बदलते साइबर खतरों से निपटें, क्योंकि AI के उपयोग और दुरुपयोग के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा चलती रहेगी।
मुंबई में 7 जून को आयोजित Financial Express Best Banks Awards 2026 में वरिष्ठ बैंकर, फाइनेंसर, फिनटेक अधिकारी और कॉरपोरेट नेता शामिल होते हैं। यह मंच बैंकों, NBFCs, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और फिनटेक कंपनियों के प्रदर्शन को वृद्धि, लाभप्रदता, वित्तीय मजबूती, गवर्नेंस मानकों और अन्य परिचालन पैमानों के आधार पर मान्यता देता है, जिससे AI जैसे उपकरणों के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा वित्तीय क्षेत्र के लिए खास महत्व रखती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में FE Best Banks Awards 2026 में पीयूष गोयल की उन टिप्पणियों पर प्रकाश डाला गया था जिनमें उन्होंने बैंकिंग संगठनों से AI को केवल Google खोज के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि दक्षता और विकास के अवसर के तौर पर अपनाने को कहा था। उन्होंने यह भी चेताया था कि AI पर आंख मूंदकर भरोसा जोखिमपूर्ण है, इसलिए कर्मचारियों के हर स्तर पर इसकी बुनियादी समझ और अंतिम सत्यापन के लिए मानवीय विवेक जरूरी है।
- Forex
- Crypto