भारत सरकार के 24,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल नीलाम करेगा RBI
अल्पकालिक सरकारी उधारी कार्यक्रम के तहत भारतीय रिजर्व बैंक 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन की ट्रेजरी बिल श्रृंखलाओं की नीलामी 17 जून 2026 को आयोजित कर रहा है। कुल 24,000 करोड़ रुपये की इस पेशकश का निपटान 18 जून 2026 को होना है, जबकि खुदरा निवेशकों सहित गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं के लिए अलग आवंटन की व्यवस्था भी लागू है।
हाइलाइट्स
- RBI 17 जून 2026 को 24,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिल्स की नीलामी करेगा, जिसमें 91-दिन के लिए 12,000 करोड़, 182-दिन के लिए 6,000 करोड़ और 364-दिन के लिए 6,000 करोड़ निर्धारित हैं।
- प्रतिस्पर्धी बोलियां 17 जून 2026 को सुबह 10:30-11:30 के बीच और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां 10:30-11:00 के बीच E-Kuber सिस्टम पर ली जाएंगी, साथ ही परिणाम उसी दिन घोषित होंगे।
- व्यक्तिगत निवेशकों सहित पात्र संस्थान गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में बोली लगा सकते हैं, जिसमें आवंटन कुल राशि के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।
नीलामी का आकार और भागीदारी नियम
भारतीय रिजर्व बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 91-दिन के ट्रेजरी बिल के लिए 12,000 करोड़ रुपये, 182-दिन के लिए 6,000 करोड़ रुपये और 364-दिन के लिए 6,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि तय की गई है। यह बिक्री भारत सरकार की 26 मार्च 2025 की सामान्य अधिसूचना F.No.4(2)-B(W&M)/2018 की शर्तों के अधीन है, जिसमें समय-समय पर संशोधन लागू होते हैं।
राज्य सरकारें, विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश, भारत में पात्र भविष्य निधियां, नामित विदेशी केंद्रीय बैंक और RBI द्वारा निर्दिष्ट अन्य व्यक्ति या संस्थान गैर-प्रतिस्पर्धी आधार पर भाग ले सकते हैं। व्यक्तिगत निवेशक भी खुदरा निवेशक के रूप में गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में हिस्सा ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए आवंटन अधिसूचित राशि के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित है।
व्यक्तिगत निवेशक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी गैर-प्रतिस्पर्धी योजना के तहत बोली लगा सकते हैं। नीलामी मूल्य-आधारित होगी और इसमें बहु-मूल्य पद्धति अपनाई जाएगी।
समय-सारिणी और परिचालन व्यवस्था
प्रतिस्पर्धी बोलियां 17 जून 2026 को सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक RBI के Core Banking Solution, E-Kuber system, पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा करनी होंगी। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों के लिए समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित है, और नीलामी के नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।सफल बोलीदाताओं को भुगतान 18 जून 2026, गुरुवार को करना होगा। RBI ने कहा है कि केवल सिस्टम विफलता की स्थिति में ही भौतिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी, जिन्हें निर्धारित प्रपत्र में Public Debt Office को नीलामी समय समाप्त होने से पहले जमा करना होगा।
तकनीकी कठिनाइयों की स्थिति में निवेशक Core Banking Operations Team से संपर्क कर सकते हैं, जबकि नीलामी से जुड़ी अन्य दिक्कतों के लिए IDMD auction team उपलब्ध रहेगी। यह व्यवस्था सरकारी प्रतिभूति बाजार में अल्पकालिक उधारी संचालन को निर्धारित कैलेंडर के अनुसार आगे बढ़ाने में मदद करती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए सरकार और आरबीआई के कदमों पर चर्चा की गई थी, जिसमें सरकारी प्रतिभूतियों पर एफपीआई के लिए कर छूट और निवेश पहुंच का विस्तार शामिल था। उस लेख में Fully Accessible Route के दायरे को बढ़ाने, एफपीआई सीमाओं में ढील और विदेशी मुद्रा तरलता बढ़ाने के उपायों का भी उल्लेख किया गया था, ताकि भुगतान संतुलन और बैंकिंग फंडिंग पर दबाव कम हो सके।
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