आरबीआई के मनी मार्केट परिचालन में 12 जून को 1.65 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी

आरबीआई के मनी मार्केट परिचालन में 12 जून को 1.65 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी
आरबीआई ने निकाली तरलता

भारतीय मुद्रा बाजार में 12 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल कारोबार 6,85,828.90 करोड़ रुपये दर्ज होता है, जिसमें ट्राइपार्टी रेपो सबसे बड़ा हिस्सा रखता है। इसी दिन आरबीआई की परिचालन गतिविधियों के कारण कुल शुद्ध तरलता 1,65,541.21 करोड़ रुपये अवशोषित होती है, जो अल्पकालिक धन बाजार की स्थितियों का संकेत देती है।

हाइलाइट्स

  • 12 जून 2026 को आरबीआई ने मनी मार्केट में कुल 6,85,828.90 करोड़ रुपये के वॉल्यूम पर 5.15 प्रतिशत औसत दर दर्ज की।
  • आज के परिचालन में लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के तहत 1,76,046.00 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी हुई।
  • सभी परिचालनों के बाद 12 जून को आरबीआई की शुद्ध तरलता स्थिति 1,65,541.21 करोड़ रुपये नकारात्मक रही, जिससे सिस्टम में लिक्विडिटी दबाव नजर आता है।

12 जून के बाजार परिचालन और दरें

आरबीआई की Reserve Bank of India (RBI) प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/451 के अनुसार, 12 जून 2026 को ओवरनाइट खंड में कुल वॉल्यूम 6,85,828.90 करोड़ रुपये रहता है और भारित औसत दर 5.15 प्रतिशत दर्ज होती है। इस खंड में कॉल मनी 14,966.55 करोड़ रुपये, ट्राइपार्टी रेपो 4,90,422.15 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो 1,73,690.90 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 6,749.30 करोड़ रुपये रहता है।

टर्म खंड में नोटिस मनी 1,308.00 करोड़ रुपये पर 5.32 प्रतिशत की औसत दर दिखाती है, जबकि टर्म मनी 368.50 करोड़ रुपये के दायरे में 6.00 से 6.20 प्रतिशत की सीमा में कारोबार करता है। ट्राइपार्टी रेपो 5,755.00 करोड़ रुपये पर 5.37 प्रतिशत और मार्केट रेपो 1,197.93 करोड़ रुपये पर 5.58 प्रतिशत की औसत दर दर्ज करता है, जबकि कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो में कोई लेनदेन नहीं होता।

तरलता अवशोषण और बैंकिंग प्रणाली पर असर

उसी दिन आरबीआई की लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के तहत आज के परिचालनों से 1,76,046.00 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी होती है। एमएसएफ के तहत 1 दिन, 2 दिन और 3 दिन की परिपक्वताओं में कुल 2,419.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं, जबकि एसडीएफ के तहत 1,78,465.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर अवशोषित होते हैं।

बकाया परिचालनों से 10,504.79 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता प्रविष्ट होती है, जिसमें स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी का उपयोग शामिल है। इससे आज के परिचालन सहित कुल शुद्ध तरलता 1,65,541.21 करोड़ रुपये नकारात्मक रहती है। 12 जून 2026 तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के पास नकद शेष 7,73,041.22 करोड़ रुपये रहता है, जबकि 15 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,90,713.00 करोड़ रुपये है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए सरकार और आरबीआई के कदमों पर चर्चा की गई थी, जिनमें एफपीआई के लिए सरकारी बॉन्ड पर कर छूट, Fully Accessible Route का विस्तार और FCNR(B)/फॉरेक्स स्वैप जैसे उपाय शामिल थे। उस लेख में बताया गया था कि इन कदमों से भुगतान संतुलन पर दबाव घटाने, बैंकिंग फंडिंग को सहारा देने और रुपये पर बने दबाव को कुछ हद तक कम करने की उम्मीद की जा रही है।

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