RBI की 19 जुलाई 2026 की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 84,420.18 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषण दिखी

RBI की 19 जुलाई 2026 की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 84,420.18 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषण दिखी
RBI की तरलता रिपोर्ट

भारतीय बैंकिंग तंत्र में 19 जुलाई 2026 को रिजर्व बैंक की दैनिक परिचालन विंडो के जरिए तरलता का शुद्ध अवशोषण दर्ज होता है। यह स्थिति तब बनती है जब उसी दिन 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि Standing Deposit Facility में पार्क होती है, जबकि MSF के जरिए 680 करोड़ रुपये की उधारी ली जाती है।

हाइलाइट्स

  • 19 जुलाई 2026 को RBI की मनी मार्केट रिपोर्ट के अनुसार कुल शुद्ध तरलता -84,420.18 करोड़ रुपये रही, जो शुद्ध अवशोषण दर्शाता है।
  • Marginal Standing Facility के तहत 680 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और Standing Deposit Facility के तहत 1,60,255 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर ट्रांजेक्शन दर्ज हुए।
  • 31 जुलाई 2026 तक समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 8,15,720 करोड़ रुपये रही, जबकि RBI के पास बैंकों के नकद शेष 8,32,766.32 करोड़ रुपये दिखे।

19 जुलाई के परिचालन और दरें

जैसा कि Reserve Bank of India द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/713 में बताया गया है, 19 जुलाई 2026 के लिए आज की परिचालन खिड़की में Marginal Standing Facility, MSF, के तहत 680 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और Standing Deposit Facility, SDF, के तहत 1,60,255 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं। इन दैनिक परिचालनों के आधार पर दिन की शुद्ध तरलता, इंजेक्शन प्लस और अवशोषण माइनस के पैमाने पर, -1,59,575 करोड़ रुपये रहती है।

रिपोर्ट में ओवरनाइट और टर्म मनी मार्केट के सभी प्रमुख खंडों, जिनमें कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो शामिल हैं, में 0.00 वॉल्यूम दिखाया गया है। दरों के लिए भी कोई लागू आंकड़ा नहीं दिया गया, जिससे संकेत मिलता है कि उस दिन इन खंडों में कोई लेनदेन दर्ज नहीं होता है।

बकाया परिचालनों में 17 जुलाई 2026 की 3-दिवसीय वैरिएबल रेट रेपो बोलियों के तहत 75,003 करोड़ रुपये और 816 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर परिपक्वता तक बने रहते हैं। SDF की बकाया राशियों में 18 जुलाई 2026 की 2-दिवसीय 5,970 करोड़ रुपये और 17 जुलाई 2026 की 3-दिवसीय 5,478 करोड़ रुपये की राशि 5.00 प्रतिशत पर शामिल है।

बैंकिंग प्रणाली और नकदी स्थिति पर असर

RBI से Standing Liquidity Facility, SLF, के तहत 10,783.82 करोड़ रुपये की सुविधा ली जाती है, जबकि बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 75,154.82 करोड़ रुपये दिखता है। आज के परिचालन को बकाया राशियों के साथ जोड़ने पर कुल शुद्ध तरलता -84,420.18 crore रुपये पर रहती है, जो प्रणाली से तरलता के शुद्ध अवशोषण को दर्शाती है।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की नकद आरक्षित स्थिति में 19 जुलाई 2026 तक RBI के पास 8,32,766.32 करोड़ रुपये के नकद शेष दिखते हैं। 31 जुलाई 2026 को समाप्त होने वाले पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 8,15,720 करोड़ रुपये दर्ज है।

रिपोर्ट में 17 जुलाई 2026 तक नीलामी के लिए भारत सरकार की अधिशेष नकद शेष राशि 75,819 करोड़ रुपये बताई गई है। 30 जून 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,99,485 करोड़ रुपये दर्ज है, जो दैनिक अवशोषण के बीच व्यापक प्रणालीगत तरलता पृष्ठभूमि को रेखांकित करता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की जुलाई 2026 में परिपक्व होने वाली दो श्रृंखलाओं के रिडेम्प्शन मूल्य पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था। इसमें SGB 2020-21 Series X (18 जुलाई 2026) और SGB 2021-22 Series IV (20 जुलाई 2026) के लिए RBI द्वारा पहले से घोषित रिडेम्प्शन मूल्य और उसकी गणना का आधार (IBJA के 999 शुद्धता वाले सोने के बंद भाव का साधारण औसत) समझाया गया था, जिससे निवेशकों को नकदी प्रवाह और निपटान की बेहतर स्पष्टता मिलती है।

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