आरबीआई ने विनिर्माण क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य सर्वे का 116वां दौर शुरू किया
भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में कारोबारी भावना और निकट अवधि की अपेक्षाओं का आकलन करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 संदर्भ अवधि के लिए तिमाही औद्योगिक परिदृश्य सर्वे का 116वां दौर शुरू किया है। यह सर्वे मौजूदा तिमाही Q3:2026-27 के साथ अगली तिमाही Q4:2026-27 और उसके बाद Q1:2027-28 तथा Q2:2027-28 के प्रमुख मानकों पर भी दृष्टिकोण को कवर करता है।
हाइलाइट्स
- आरबीआई ने विनिर्माण क्षेत्र के उद्योग परिदृश्य सर्वे का 116वां दौर शुरू किया, जिसमें मांग, वित्त और मूल्य संकेतकों की फीडबैक ली जा रही है।
- अक्टूबर-दिसंबर 2026 अवधि के लिए सर्वे संचालन का कार्य M/s Genesis Management & Market Research Pvt. Ltd. को अधिकृत किया गया है।
- तिमाही सर्वे से मिले गुणात्मक संकेत आरबीआई को निकट अवधि के औद्योगिक रुझानों और कारोबारी भावना के आकलन में सहायता करेंगे।
सर्वे का दायरा और भागीदारी प्रक्रिया
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सर्वे मांग स्थितियों, वित्तीय स्थितियों, रोजगार परिस्थितियों और मूल्य स्थिति से जुड़े गुणात्मक संकेतकों के आधार पर उद्योग की धारणा को मापता है। इसका उद्देश्य चालू तिमाही की व्यावसायिक भावना के साथ आगामी तिमाहियों के लिए विनिर्माण कंपनियों की अपेक्षाओं का आकलन करना है।बैंक ने कहा है कि सर्वे के निष्कर्ष नियमित रूप से उसकी वेबसाइट पर संक्षिप्त रूप में जारी किए जाते हैं और उत्तरदाताओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। अक्टूबर-दिसंबर 2026 अवधि के लिए सर्वे संचालन का कार्य M/s Genesis Management & Market Research Pvt. Ltd. को आरबीआई की ओर से अधिकृत किया गया है।
चयनित कंपनियों से एजेंसी सीधे संपर्क करेगी, जबकि अन्य विनिर्माण कंपनियों को भी बैंक की वेबसाइट के 'Survey' उपशीर्षक के अंतर्गत उपलब्ध प्रश्नावली डाउनलोड कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। विधिवत प्रमाणित और भरी हुई प्रश्नावली उसमें दिए गए संपर्क विवरण के अनुसार ई-मेल से भेजी जा सकती है।
विनिर्माण संकेतकों पर नीतिगत नजर
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब विनिर्माण गतिविधि, लागत रुझान, रोजगार और मांग की दिशा पर समयबद्ध संकेत नीति निर्माताओं और बाजार सहभागियों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। तिमाही सर्वे से प्राप्त गुणात्मक फीडबैक आरबीआई को क्षेत्रीय कारोबारी भावना और निकट अवधि के औद्योगिक रुझानों का पूरक आकलन उपलब्ध कराता है।प्रेस विज्ञप्ति में सवालों या स्पष्टीकरण के लिए आरबीआई के सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन विभाग के एंटरप्राइज सर्वे प्रभाग, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई स्थित संपर्क विवरण भी साझा किए गए हैं। विज्ञप्ति पर संचार विभाग के उप महाप्रबंधक अजीत प्रसाद के हस्ताक्षर हैं।
हमारी पिछली रिपोर्ट में भारत में डीपटेक और IP-आधारित विनिर्माण कंपनियों की ओर बढ़ते निजी निवेश और सरकारी प्रोत्साहनों (जैसे R&D फंड और PLI जैसी योजनाएं) के असर पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर, रक्षा और उन्नत मशीनरी जैसे क्षेत्रों में कंपनियां लंबी अवधि के पूंजी-समर्थन और अवसंरचना/उत्पादन विस्तार के जरिए क्षमता बढ़ा रही हैं, जबकि निवेशक इसे रणनीतिक आत्मनिर्भरता और भविष्य की वृद्धि से जोड़कर देख रहे हैं।
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