भारत सरकार 33,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की पुनर्निर्गम नीलामी लाएगी

भारत सरकार 33,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की पुनर्निर्गम नीलामी लाएगी
33,000 करोड़ की नीलामी

भारत सरकार 23 अक्टूबर 2026 को 33,000 करोड़ रुपये की दो दिनांकित प्रतिभूतियों की पुनर्निर्गम नीलामी कराने जा रही है। इस पेशकश में 2031 और 2066 परिपक्वता वाली प्रतिभूतियां शामिल हैं, जबकि सरकार प्रत्येक प्रतिभूति पर 2,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने का विकल्प भी रखती है।

हाइलाइट्स

  • भारत सरकार 33,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की पुनर्निर्गम नीलामी 23 अक्टूबर 2026 को आयोजित करेगी, जिसमें 6.53% GS 2031 के लिए 19,000 करोड़ रुपये और 7.71% GS 2066 के लिए 14,000 करोड़ रुपये का नोटिफाइड अमाउंट रहेगा।
  • प्रतिभूति नीलामी रिजर्व बैंक के e-Kuber सिस्टम पर मल्टीपल प्राइस पद्धति के तहत होगी, जिसमें गैर-प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं को बिक्री राशि का 5% आवंटन तथा खुदरा निवेशकों को Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भागीदारी की सुविधा मिलेगी।
  • इन प्रतिभूतियों पर 21-23 अक्टूबर 2026 के बीच “When Issued” ट्रेडिंग की पात्रता रहेगी और सफल आवंटन SGL या CSGL खातों में क्रेडिट द्वारा निपटाये जाएंगे।

नीलामी संरचना और समयरेखा

Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह बिक्री मुंबई स्थित उसके कार्यालय के माध्यम से होगी और इसमें 6.53% GS 2031 के लिए 19,000 करोड़ रुपये तथा 7.71% GS 2066 के लिए 14,000 करोड़ रुपये का नोटिफाइड अमाउंट रखा गया है। नीलामी 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को होगी और सफल बोलियों का निपटान 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को किया जाएगा।

नीलामी मल्टीपल प्राइस पद्धति से संचालित होगी। प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों तरह की बोलियां Reserve Bank of India के e-Kuber सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा करनी होंगी, जिसमें गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक और प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक तय किया गया है।

अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग हिस्से के लिए Primary Dealers 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक बोलियां दे सकेंगे। इन प्रतिभूतियों में 21 अक्टूबर 2026 से 23 अक्टूबर 2026 तक “When Issued” ट्रेडिंग की भी पात्रता रहेगी।

बाजार भागीदारी और नियामकीय महत्व

प्रत्येक प्रतिभूति 10,000 रुपये के न्यूनतम नाममात्र निवेश और उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में जारी होगी। व्यक्तिगत और पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत प्रत्येक प्रतिभूति की बिक्री राशि का 5% तक आवंटन उपलब्ध रहेगा, और खुदरा निवेशक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी भाग ले सकेंगे।

भारतीय सरकारी प्रतिभूति बाजार के लिए यह नीलामी उधारी कार्यक्रम के नियमित संचालन का हिस्सा है, जिसमें Reserve Bank of India प्राप्त बोलियों के आधार पर स्वीकृत न्यूनतम मूल्य या अधिकतम प्रतिफल तय करेगा। सफल आवंटन SGL या CSGL खातों में क्रेडिट के जरिए होगा, जबकि ये प्रतिभूतियां रेपो लेनदेन और गैर-निवासी निवेश के लिए लागू दिशानिर्देशों के अधीन पात्र रहेंगी।

हमारी पिछली रिपोर्ट में Q3 FY2027 के लिए राज्यों की बाजार उधारी में तेज बढ़त और RBI के नीलामी कैलेंडर के तहत एसजीएस निर्गम के 3.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने के अनुमान पर चर्चा की गई थी। लेख में रिडेम्प्शन समायोजन के बाद शुद्ध एसजीएस निर्गम 2.3 लाख करोड़ रुपये रहने, प्रमुख राज्यों के योगदान और कई राज्यों द्वारा बेंचमार्क इश्यूअंस स्ट्रैटेजी (BIS) अपनाने जैसे रुझानों को रेखांकित किया गया था।

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