पुडुचेरी में एनडीए सत्ता बरकरार रखने का अभियान तेज

पुडुचेरी में एनडीए सत्ता बरकरार रखने का अभियान तेज
एनडीए की चुनावी तैयारी

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर कहा कि 30 मार्च को होने वाले ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद, पुडुचेरी’ में वह भाजपा-एनडीए के बूथ कार्यकर्ताओं से जुड़ेंगे। प्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में ‘डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश की अपेक्षाओं को पूरा किया है और इसी आधार पर गठबंधन को फिर जनसमर्थन मिलने का भरोसा है। चुनाव आयोग पहले ही 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना की तारीख घोषित कर चुका है, जबकि मौजूदा 30 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त होना है।

हाइलाइट्स

  • पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले एनडीए ने बूथ स्तर पर नमो ऐप के जरिए चुनावी संवाद और डिजिटल अभियान तेज किया।
  • एनडीए गठबंधन में ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस 16, भाजपा 10, एआईएडीएमके और लाचिया जननायगा काची दो-दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस-डीएमके भी संयुक्त रणनीति के साथ मैदान में हैं।
  • 2021 में ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस ने 10 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा पाया था और 84.8 प्रतिशत मतदान से उच्च राजनीतिक भागीदारी दर्ज हुई थी।

30 मार्च संवाद और चुनावी तैयारी

नमो ऐप के आधिकारिक खाते ने भी प्रधानमंत्री की भागीदारी की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम बूथ स्तर के भाजपा-एनडीए कार्यकर्ताओं को सीधे संवाद का मंच देता है। इस संवाद के जरिये संगठन चुनाव से पहले जमीनी प्रतिक्रिया, स्थानीय मुद्दों और प्रचार रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। कार्यक्रम नमो ऐप के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे डिजिटल पहुंच के जरिये अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ा जा रहा है।

पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को होना है। इसी चुनावी कैलेंडर के तहत पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा। मतगणना 4 मई को होगी, इसलिए मार्च के अंतिम दिनों में अभियान और संगठनात्मक सक्रियता तेज बनी हुई है।

गठबंधनों की सीट साझेदारी और मुकाबले की तस्वीर

सत्तारूढ़ एनडीए ने पहले ही सीट बंटवारे का फॉर्मूला घोषित कर दिया है। ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि भाजपा 10 सीटों पर मैदान में है। सहयोगी एआईएडीएमके और लाचिया जननायगा काची को दो-दो सीटें मिली हैं, जिससे गठबंधन अपने वोट आधार को कई दलों के जरिये समेटने की रणनीति पर चल रहा है।

दूसरी ओर, पुडुचेरी कांग्रेस अध्यक्ष वी. वैथिलिंगम ने 16 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के बीच हुए समझौते के तहत कांग्रेस 30 में से 16 सीटों पर और डीएमके 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा तमिलगा वेत्री कषगम ने भी सभी 30 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जिससे मुकाबला बहुकोणीय बनता दिख रहा है।

पिछले चुनावी रुझान और राजनीतिक प्रभाव

2021 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। डीएमके को छह सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने छह-छह सीटें जीती थीं। उस चुनाव में मतदान 84.8 प्रतिशत रहा था, जो केंद्रशासित प्रदेश में उच्च राजनीतिक भागीदारी का संकेत देता है।

2016 के चुनाव में कांग्रेस ने 15 सीटें जीतकर बढ़त बनाई थी, जबकि एआईएनआरसी को आठ, एआईएडीएमके को चार और डीएमके को दो सीटें मिली थीं। तब मतदान 83.6 प्रतिशत दर्ज हुआ था। इन पुराने नतीजों से स्पष्ट है कि पुडुचेरी में सत्ता का संतुलन गठबंधन गणित, उम्मीदवार चयन और उच्च मतदान प्रतिशत, तीनों से प्रभावित होता है, इसलिए मौजूदा चुनाव में संगठनात्मक मजबूती और सीट साझेदारी दोनों निर्णायक कारक बने हुए हैं।

हमने पहले पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार के बीच ईंधन और एलपीजी कीमतों को लेकर उठे आरोपों पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में बताया गया था कि चुनाव के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई गई, और इसे महंगाई, घरेलू बजट व कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता जैसे मुद्दों से जोड़कर पेश किया गया।

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