पश्चिम बंगाल में भाजपा निवेश भरोसे और सत्ता बदलाव का दांव लगाती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हल्दिया की रैली में कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव की लहर बन रही है, जबकि यह दावा उनके सार्वजनिक संबोधन से सामने आया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निवेश माहौल बिगाड़ने, निजी क्षेत्र को कमजोर करने और युवाओं के अवसर सीमित करने का आरोप लगाया। राज्य में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को तय है।
हाइलाइट्स
- प्रधानमंत्री मोदी ने हल्दिया रैली में निवेश भरोसे, सत्ता बदलाव और रोजगार को जोड़ते हुए डर के माहौल में निवेश न आने की बात कही।
- भाजपा ने 2026 चुनावों में नंदीग्राम के संदेश को भवानीपुर दोहराने व तृणमूल सरकार पर युवाओं से विश्वासघात और नौकरियों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया।
- डबल इंजन सरकार और मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के वादे के साथ भाजपा ने केंद्र-राज्य सहयोग और मछुआरा समुदाय के लिए रिकॉर्ड बजट का उल्लेख किया।
हल्दिया रैली में चुनावी संदेश और निवेश का मुद्दा
मोदी ने नंदीग्राम आंदोलन को बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ बताया और कहा कि मतदाता प्रतिकूल परिस्थितियों को पार कर सत्ता परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने खराब मौसम के बावजूद हल्दिया रैली में बड़ी भीड़ को बदलाव का संकेत बताया। उनके अनुसार, राज्य में भय के माहौल में निवेश नहीं आता, बल्कि भरोसे के वातावरण में आता है, और भाजपा वही भरोसा देने का वादा करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम Bengal कभी भारत की प्रगति, विनिर्माण और कारोबार की मजबूत धुरी था, लेकिन मौजूदा सरकार में विकास के कई मानकों पर पीछे चला गया है। उन्होंने धर्म आधारित आरक्षण नीति का भी विरोध किया और आरोप लगाया कि इससे वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा मिलता है। उनके भाषण में आर्थिक मुद्दों को सीधे शासन, निवेश और रोजगार के साथ जोड़ा गया।
नंदीग्राम, भवानीपुर और 2026 चुनावी गणित
मोदी ने कहा कि नंदीग्राम का चुनावी संदेश इस बार भवानीपुर में दोहराया जाएगा। नंदीग्राम में 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, और अब वह दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में मुख्यमंत्री के खिलाफ मैदान में हैं। इस संदर्भ का इस्तेमाल भाजपा राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना को मजबूत दिखाने के लिए कर रही है।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार को युवाओं के साथ विश्वासघात करने वाला बताया और आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में पैसे के बदले पद दिए गए। साथ ही, उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को लगभग निष्प्रभावी कर दिया गया है। इस तरह भाजपा का अभियान बेरोजगारी, प्रशासनिक विश्वसनीयता और शासन क्षमता को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रहा है।
डबल इंजन सरकार और मत्स्य क्षेत्र पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को लाभ तब होगा जब केंद्र और राज्य में एकसमान राजनीतिक नेतृत्व काम करे। उन्होंने डबल इंजन सरकार की वकालत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के तालमेल से राज्य को ज्यादा फायदा होगा। यह संदेश केंद्र की योजनाओं और राज्य स्तर की क्रियान्वयन क्षमता को एक साथ जोड़ने की कोशिश है।
मोदी ने यह भी कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल को मत्स्य और समुद्री खाद्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का वादा करती है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मछुआरा समुदाय के लिए अलग मंत्रालय और रिकॉर्ड बजट आवंटन का उल्लेख किया। इससे भाजपा तटीय और आजीविका आधारित अर्थव्यवस्था वाले इलाकों में आर्थिक लाभ और कल्याणकारी समर्थन का संदेश देने की कोशिश करती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की 11वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश पर चर्चा की गई थी, जिसमें युवाओं के स्वरोजगार, छोटे उद्यमों के लिए बिना जमानत ऋण और वित्तीय समावेशन को आत्मनिर्भरता व राष्ट्रीय प्रगति से जोड़ा गया था। उस लेख में यह भी बताया गया था कि सरकार इस योजना को छोटे शहरों और अर्धशहरी क्षेत्रों में पूंजी उपलब्धता बढ़ाकर स्थानीय आय और रोजगार सृजन की क्षमता के रूप में रेखांकित कर रही है।
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