टाटा मोटर्स ने लखनऊ संयंत्र से 10 लाखवां वाणिज्यिक वाहन उतारा

टाटा मोटर्स ने लखनऊ संयंत्र से 10 लाखवां वाणिज्यिक वाहन उतारा
टाटा की ऐतिहासिक उपलब्धि

टाटा मोटर्स के अनुसार, लखनऊ संयंत्र से 10 लाखवां वाणिज्यिक वाहन मंगलवार को रोल आउट हुआ, यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में कंपनी के 34 साल के संचालन के साथ जुड़ी है। लखनऊ में 15 अप्रैल को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बस को रवाना किया। यह घटनाक्रम राज्य में विनिर्माण विस्तार, स्वच्छ गतिशीलता और वाणिज्यिक वाहन उत्पादन क्षमता पर बढ़ते फोकस के बीच सामने आता है.

हाइलाइट्स

  • टाटा मोटर्स ने लखनऊ संयंत्र से 10 लाखवां वाणिज्यिक वाहन उतारा, वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख से अधिक इकाइयों की है।
  • एन चंद्रशेखरन के अनुसार, अगले पांच वर्षों में संयंत्र से 20 लाख वाहन उत्पादन लक्ष्य और सीएनजी, इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन तकनीक की ओर फोकस रहेगा।
  • वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स की यात्री वाहनों की होलसेल बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 6,31,387 इकाई और ईवी बिक्री 43 प्रतिशत बढ़कर 92,120 इकाई पहुंच गई।

लखनऊ संयंत्र की क्षमता और विस्तार योजना

1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट ट्रक और बसों का निर्माण करता है और यहां बैटरी-इलेक्ट्रिक तथा फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कई पावरट्रेन पर उत्पादन होता है। संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख से अधिक इकाइयों की है, जिससे यह टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन नेटवर्क में एक अहम इकाई बनता है। समारोह में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की औद्योगिक क्षमता को दर्शाती है और उत्तर प्रदेश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

एन चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी को भरोसा है कि अगले पांच वर्षों में लखनऊ से 20 लाख वाहन उत्पादन का स्तर हासिल हो सकता है। उन्होंने बस और ट्रक पोर्टफोलियो में सीएनजी, इलेक्ट्रिक और आगे चलकर हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी की ओर बढ़त का संकेत दिया। उनके अनुसार, यह संयंत्र टाटा समूह और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच दीर्घकालिक साझेदारी और भरोसे का उदाहरण है.

उत्तर प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक असर

चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज इस समय उत्तर प्रदेश में लगभग 20,000 लोगों को रोजगार देती है और यह संख्या जल्द 40,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। समूह के स्तर पर राज्य में कुल रोजगार लगभग 30,000 बताया गया, जिसमें टाटा मोटर्स में करीब 5,000 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने मथुरा में जलाशय पुनर्जीवन, कौशल विकास कार्यक्रमों और गोरखपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया.

इस विस्तार का असर केवल ऑटो विनिर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की औद्योगिक नीति, रोजगार सृजन और उन्नत प्रौद्योगिकी निवेश के व्यापक ढांचे से जुड़ता है। वाणिज्यिक वाहन, आईटी सेवाएं, कौशल विकास और एआई जैसे क्षेत्रों में टाटा समूह की उपस्थिति उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विविधीकरण को मजबूत करती है। इससे राज्य के लिए आपूर्ति श्रृंखला, सेवा पारिस्थितिकी और विनिर्माण निवेश आकर्षित करने की क्षमता भी बढ़ती है.

ईवी पोर्टफोलियो से बिक्री वृद्धि को समर्थन

कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन में भी स्वच्छ वाहन रणनीति का असर दिखता है। वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स की यात्री वाहन होलसेल बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 6,31,387 इकाई हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 में 5,53,585 इकाई थी। यह पहली बार है जब कंपनी एक ही वित्तीय या कैलेंडर वर्ष में 6 लाख बिक्री के स्तर को पार करती है.

कंपनी के छह मॉडलों वाले इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो ने इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई। वित्त वर्ष 2026 में ईवी बिक्री 43 प्रतिशत बढ़कर 92,120 इकाई रही, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 64,276 इकाई थी। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2024 के 73,833 इकाई के पिछले उच्च स्तर से भी आगे निकलता है, जिससे संकेत मिलता है कि ईवी मांग कंपनी की व्यापक विकास रणनीति को समर्थन दे रही है.

हमने पहले मार्च 2026 में रिकॉर्ड वाहन उत्पादन व बिक्री और FY27 के लिए उभरती अनिश्चितताओं पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में पश्चिम एशिया संकट, कमोडिटी लागत और उत्तर प्रदेश-हरियाणा में वेतन वृद्धि के कारण कीमतों व आपूर्ति शृंखला पर संभावित दबाव के संकेतों को रेखांकित किया गया था।

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