पश्चिम बंगाल में TMC ने 226 से अधिक सीटों का दावा किया, एग्जिट पोल को भाजपा की रणनीति बताया

पश्चिम बंगाल में TMC ने 226 से अधिक सीटों का दावा किया, एग्जिट पोल को भाजपा की रणनीति बताया
TMC का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी को लेकर मजबूत दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी 294 में से 226 से अधिक सीटें जीत रही है, जबकि 4 मई को असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के साथ नतीजे आने हैं।

हाइलाइट्स

  • TMC ने दावा किया कि उसके आंतरिक आकलन के अनुसार वह 226 से अधिक सीटें जीत रही है, जो 2021 की 215 सीटों से अधिक है।
  • ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर मतदाताओं को डराने, मतदान धीमा करने और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
  • एग्जिट पोल के बंटे अनुमान और TMC-भाजपा के ध्रुवीकृत मुकाबले ने मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।

चुनाव बाद दावे और एग्जिट पोल पर सवाल

FinancialExpress.com के अनुसार, ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदान समाप्त होने के बाद और गुरुवार को जारी वीडियो संदेश में कहा कि तृणमूल कांग्रेस 'मां, माटी, मानुष' की सरकार बना रही है और एग्जिट पोल जमीनी सच्चाई नहीं दिखाते। उन्होंने एग्जिट पोल को भाजपा की ओर से कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश बताया और कहा कि पार्टी के आंतरिक आकलन उसे स्पष्ट बहुमत से आगे, बल्कि सुपरमेजोरिटी की ओर दिखा रहे हैं।

बनर्जी ने 'जॉय बांग्ला' संदेश के साथ अपनी अपील को बंगाली पहचान, कल्याणकारी योजनाओं और जमीनी संगठन से जोड़ा। यह दावा 2021 में TMC की 215 सीटों की जीत के बाद किया गया है, जबकि भाजपा ने इस बार 'मिशन 152' के जरिए आक्रामक चुनौती पेश की है।

चुनाव में एग्जिट पोल के अनुमान बंटे हुए दिखते हैं, कुछ सर्वे TMC की वापसी का संकेत देते हैं तो कुछ भाजपा की बढ़त की बात करते हैं। बनर्जी ने इन अनुमानों को मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कवायद करार दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मतगणना तक ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने को कहा।

सुरक्षा बलों, मतदान प्रक्रिया और राजनीतिक असर

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों पर भी तीखे आरोप लगाए और कहा कि तैनाती का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने, मतदान धीमा करने और अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया गया। उनके अनुसार, कुछ स्थानों पर बूथों पर भारी सुरक्षा मौजूदगी और कैमरों की पहुंच सीमित होने से भाजपा एजेंटों को अनुचित बढ़त मिली।

उन्होंने मालदा और भवानीपुर जैसे इलाकों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मतदाताओं को रोका गया और मतदान में जानबूझकर देरी की गई। यह चुनाव 23 अप्रैल से 29 अप्रैल तक 294 निर्वाचन क्षेत्रों में हुआ, और बनर्जी की भवानीपुर से उम्मीदवारी ने इस मुकाबले को उनके लिए राजनीतिक और व्यक्तिगत, दोनों स्तरों पर अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।

उच्च मतदान प्रतिशत, ध्रुवीकृत मुकाबला और एग्जिट पोल पर विवाद ने मतगणना से पहले राज्य की राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे में TMC का संदेश यह है कि कल्याण, क्षेत्रीय अस्मिता और संगठनात्मक पकड़ उसके पक्ष में काम कर रही है, जबकि भाजपा कानून-व्यवस्था और वैचारिक ध्रुवीकरण के मुद्दों पर दबाव बनाए हुए है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान कार्यक्रम पर फोकस किया गया था, जहां कोलकाता सहित सात जिलों की 142 सीटों पर वोटिंग और 4 मई को होने वाली मतगणना की अहमियत बताई गई थी। इसमें मतदान केंद्रों पर पहचान पत्र, मोबाइल प्रतिबंध और VVPAT सत्यापन जैसे नियमों के साथ-साथ शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को भी रेखांकित किया गया था।

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