पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत की ओर, 15 साल पुराने सत्ता संतुलन में बदलाव

पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत की ओर, 15 साल पुराने सत्ता संतुलन में बदलाव
बंगाल में सत्ता बदलाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचती दिख रही है। ताजा रुझान तृणमूल कांग्रेस के लगातार चौथे कार्यकाल की संभावना को कमजोर करते हैं और चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह का एक पुराना वीडियो फिर से चर्चा में लाते हैं।

हाइलाइट्स

  • भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा 183 सीटों पर बढ़त के साथ 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत की ओर बढ़ रही है जबकि तृणमूल कांग्रेस 101 पर आगे है।
  • राज्य ने मतदान प्रतिशत में रिकॉर्ड बनाते हुए दूसरे चरण में 91.66% और पहले चरण में 93.19% मतदान दर्ज किया, कुल 92.47% रहा।
  • अगर भाजपा की बढ़त परिणामों में तब्दील होती है, तो पश्चिम बंगाल की 15 साल पुरानी तृणमूल सरकार समाप्त होगी और क्षेत्रीय सत्ता संतुलन में बड़ा बदलाव आएगा।

मतगणना रुझान और चुनावी संकेत

भारत निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 183 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 101 सीटों पर आगे है और उसकी सहयोगी BGPM एक सीट पर बढ़त में है। 294 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है, जिसे भाजपा आराम से पार करती दिख रही है।

इस बढ़त के साथ भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य में इससे पहले तृणमूल कांग्रेस का 15 साल तक शासन रहा है, जबकि उससे पहले वाम दलों का 34 वर्षों का लंबा शासन रहा था।

मतगणना के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया बयान सोशल मीडिया पर फिर से प्रसारित हो रहा है। उस वीडियो में उन्होंने 4 मई की मतगणना की समयरेखा बताते हुए दोपहर 1 बजे तक ममता बनर्जी के सत्ता से बाहर होने का दावा किया था।

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी के प्रदर्शन पर उत्साह जताते हुए कहा कि भाजपा 180 से अधिक सीटों के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रदर्शन पर कटाक्ष भी किया और कहा कि चार दौर की गिनती के बाद भाजपा सरकार बना रही है।

मतदान प्रतिशत और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

इस चुनाव में मतदान प्रतिशत भी प्रमुख संकेतक के रूप में सामने आया है। पश्चिम बंगाल ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे ऊंचा मतदान दर्ज किया, जिसमें दूसरे चरण में 91.66% मतदान हुआ, जबकि पहले चरण में 93.19% मतदान दर्ज किया गया और दोनों चरणों का संयुक्त मतदान 92.47% रहा।

तुलना के लिए, 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 294 में से 213 सीटें जीतकर स्पष्ट जनादेश हासिल किया था। उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी, जबकि उसका वोट शेयर करीब 38% तक पहुंचा था।

वर्तमान रुझान 2021 के परिणामों की तुलना में राज्य की राजनीति में बड़े पुनर्संतुलन का संकेत देते हैं। यदि ये बढ़त नतीजों में बदलती है, तो पश्चिम बंगाल की सत्ता संरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज होगा और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की पूर्वी भारत रणनीति को बड़ा बल मिलेगा।

हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों पर फोकस किया गया था, जहां 293 सीटों पर गिनती और 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को निर्णायक बताया गया था। इसमें उच्च मतदान (92.47%) के बीच BJP और TMC/AITC के बीच करीबी मुकाबले की स्थिति, और नंदीग्राम-भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों समेत कुछ क्षेत्रों में डाक मतपत्रों व आगे के दौर के साथ रुझान बदलने की संभावना पर भी चर्चा की गई थी।

इस सामग्री में तृतीय-पक्ष की राय शामिल हो सकती है, इस वेबपेज पर कोई भी डेटा और जानकारी हमारे अस्वीकरण के अनुसार निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। जबकि हम सख्त संपादकीय अखंडता का पालन करते हैं, इस पोस्ट में हमारे भागीदारों के उत्पादों के संदर्भ शामिल हो सकते हैं।