पश्चिम बंगाल चुनाव रुझानों में भाजपा बढ़त, ममता बनर्जी ने मतगणना रुकने का आरोप लगाया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच तृणमूल कांग्रेस पर शुरुआती रुझानों में दबाव बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समर्थकों से मतगणना केंद्रों पर डटे रहने की अपील की है। उन्होंने करीब 100 स्थानों पर शुरुआती दौर के बाद मतगणना “रोकने” और केंद्रीय बलों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को दबाने का आरोप लगाया, जबकि निर्वाचन आयोग के रुझानों में भाजपा स्पष्ट बढ़त में दिख रही है।
हाइलाइट्स
- निर्वाचन आयोग के रुझानों के अनुसार भाजपा 187 सीटों पर और तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों पर आगे चल रही है।
- ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि लगभग 100 स्थानों पर दो या तीन दौर के बाद मतगणना रोक दी गई है।
- तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग, केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बहस तेज हो गई।
मतगणना विवाद और तृणमूल की प्रतिक्रिया
Financial Express के अनुसार, बनर्जी ने एक वीडियो संदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों और काउंटिंग एजेंटों से मतगणना स्थल नहीं छोड़ने को कहा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की रणनीति शुरुआती दो या तीन दौर के नतीजे पहले दिखाने और बाद के दौर में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति सामने आने देने की है.
बनर्जी ने कहा कि लगभग 100 स्थानों पर दो या तीन दौर के बाद मतगणना रोक दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कल्याणी क्षेत्र में सात ऐसी मशीनें मिली हैं जिनका कोई मेल या संबंध नहीं था, और कार्यकर्ताओं से शांत रहने को कहा.
तृणमूल प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने की कोशिश करते हुए कहा कि 70 से 100 ऐसी सीटें अभी भी हैं जहां उनकी पार्टी आगे है लेकिन उनकी सूचना नहीं दी जा रही। उन्होंने निर्वाचन आयोग, केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी “सूर्यास्त के बाद” जीत दर्ज करेगी।
रुझानों का राजनीतिक असर
निर्वाचन आयोग के रुझानों के मुताबिक भाजपा 187 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 92 सीटों पर बढ़त में है। ये रुझान बने रहने पर तृणमूल कांग्रेस की लगातार चौथी बार सरकार बनाने की कोशिश को बड़ा झटका लग सकता है.मतगणना अभी जारी है और कई सीटों पर कई दौर बाकी हैं, इसलिए अंतिम परिणाम आने तक राजनीतिक दल अपने-अपने संगठन तंत्र को सक्रिय रखे हुए हैं। पश्चिम बंगाल की सत्ता की लड़ाई अब केवल सीटों की गिनती का सवाल नहीं रह गई है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और संस्थागत निष्पक्षता पर आरोप-प्रत्यारोप का भी केंद्र बन गई है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों पर फोकस किया गया था, जहां 293 सीटों पर गिनती और सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की बहुमत-रेखा निर्णायक मानी गई थी। इसमें BJP और AITC/TMC के बीच कड़े मुकाबले, 92.47% के उच्च मतदान और कुछ हाई-प्रोफाइल व क्षेत्रीय सीटों पर आगे के दौर में रुझान बदलने की संभावना को रेखांकित किया गया था।
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