तमिलनाडु TASMAC दुकानों पर नियंत्रण कड़ा करता है, 717 आउटलेट बंद करने की तैयारी
तमिलनाडु सरकार राज्य में शराब की उपलब्धता पर सख्ती बढ़ाते हुए TASMAC व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस कदम में 21 वर्ष से कम उम्र वालों पर शराब बिक्री रोकने के कड़े अनुपालन, संवेदनशील इलाकों में 717 दुकानों की बंदी और दुकान समय घटाने के प्रस्ताव की समीक्षा शामिल है।
हाइलाइट्स
- Tamil Nadu सरकार 4,765 में से 717 TASMAC शराब दुकानें धार्मिक स्थल, स्कूल-कॉलेज और बस स्टैंड के पास बंद करेगी, जिससे कुल आउटलेट घटकर 4,048 रह जाएंगे।
- 2025 में TASMAC के जरिए शराब बिक्री से राज्य को लगभग 48,000 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ, जो पंजीकरण विभाग के बाद दूसरा सबसे बड़ा योगदान है।
- सरकार शराब की कानूनी उम्र 21 वर्ष पर पुनः जोर देते हुए कर्मचारी निर्देशित कर रही है कि संदेह की स्थिति में ग्राहक का पहचान पत्र जरूर जांचें।
दुकान बंदी और नियम सख्ती की रूपरेखा
Financial Express की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने TASMAC दुकानों की समीक्षा शुरू की है ताकि भीड़भाड़ वाले और सामाजिक रूप से संवेदनशील स्थानों के पास शराब की आसान पहुंच कम की जा सके। बंद किए जाने वाले 717 आउटलेट में 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास, 186 स्कूलों और कॉलेजों के नजदीक, और 255 बस स्टैंड के आसपास स्थित हैं।
तमिलनाडु में इस समय TASMAC की करीब 4,765 दुकानें संचालित हो रही हैं। प्रस्तावित बंदी के बाद परिचालन दुकानों की संख्या घटकर लगभग 4,048 रहने की उम्मीद है, और यह प्रक्रिया आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से लागू होने की संभावना है।
सरकार ने फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में शराब पीने और खरीदने की कानूनी उम्र 21 वर्ष है। अधिकारियों ने TASMAC कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि उम्र को लेकर संदेह होने पर ग्राहक की पहचान Aadhaar card, driving licence या अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र से सत्यापित की जाए।
राजस्व दबाव के बीच नियमन का संतुलन
राज्य सरकार शराब दुकानों के परिचालन समय में भी बदलाव पर विचार कर रही है। अभी TASMAC आउटलेट दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुलते हैं, लेकिन बंद होने का समय रात 8 बजे करने के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है; इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।TASMAC तमिलनाडु सरकार के लिए प्रमुख राजस्व स्रोत बना हुआ है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 2025 में शराब बिक्री से करीब 48,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जिससे यह पंजीकरण विभाग के बाद राज्य के लिए दूसरा सबसे बड़ा राजस्व योगदानकर्ता बना।
तमिलनाडु में शराब नियंत्रण को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चलती रही है, और कार्यकर्ता तथा विपक्षी दल सख्त नियंत्रण या चरणबद्ध निषेध की मांग उठाते रहे हैं। ताजा कदम यह संकेत देते हैं कि सरकार जनस्वास्थ्य, नाबालिगों तक पहुंच और सामाजिक असर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच राजस्व जरूरतों और नियमन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में तमिलनाडु में TASMAC संचालित 717 शराब दुकानों को बंद करने के फैसले और शराब खरीदने/पीने की 21 वर्ष न्यूनतम आयु सीमा को सख्ती से लागू करने के निर्देशों पर फोकस किया गया था। इसमें बताया गया था कि संदिग्ध मामलों में Aadhaar, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य सरकारी पहचान पत्र से उम्र की जांच अनिवार्य की जा रही है, जबकि राज्य के लिए TASMAC राजस्व का बड़ा स्रोत बना हुआ है और इसी वजह से नियंत्रण व आय के बीच संतुलन की चुनौती भी बनी रहती है।
नवीनतम सामाजिक नीति समाचार
- Forex
- Crypto