तमिलनाडु में TASMAC बिक्री नियंत्रण कड़ा, 21 वर्ष आयु सीमा लागू
तमिलनाडु सरकार राज्य में शराब की उपलब्धता पर नियंत्रण कड़ा करते हुए खरीद और सेवन के लिए 21 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा को सख्ती से लागू कर रही है। इस कदम के साथ 717 TASMAC दुकानों को बंद करने का आदेश भी जुड़ा है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सरकार का जोर और स्पष्ट होता है।
हाइलाइट्स
- तमिलनाडु सरकार ने राज्यभर में TASMAC संचालित 717 शराब दुकानें बंद कर, कुल संख्या 4,765 से घटाकर 4,048 कर दी।
- नई दिशा-निर्देशों के तहत 21 वर्ष से कम आयु के ग्राहकों की पहचान प्रमाण जैसे Aadhaar या ड्राइविंग लाइसेंस से अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा।
- 2024-25 में TASMAC ने उत्पाद शुल्क और VAT के जरिए 48,344 करोड़ रुपये जुटाए, यह राज्य का दूसरा सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बना रहा।
आयु सत्यापन और दुकान बंदी की रूपरेखा
Financial Express की Financial Express रिपोर्ट के अनुसार, नए निर्देशों के तहत शराब विक्रेताओं को 21 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को मदिरा बेचने से रोका गया है, और संदेह होने पर Aadhaar कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की जांच अनिवार्य की गई है। तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन, TASMAC, के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध मामलों में पहचान सत्यापन अब अनिवार्य है, जिससे वैधानिक पीने की आयु लागू करने पर राज्य का जोर दिखता है।सरकार ने इससे पहले राज्य भर में TASMAC संचालित 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था। ये दुकानें पूजा स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस अड्डों से 500 मीटर के दायरे में स्थित थीं। बंद होने वाली दुकानों में 276 पूजा स्थलों के पास, 186 स्कूलों और कॉलेजों के पास, और 255 बस स्टैंड तथा परिवहन केंद्रों के पास थीं।
इन बंदियों के बाद TASMAC दुकानों की कुल संख्या 4,765 से घटकर 4,048 रह जाएगी। सरकारी रुख यह है कि शराब से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा जोखिमों को कम करना इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है।
राजस्व निर्भरता और व्यापक राजनीतिक असर
दुकान बंदी और आयु जांच के अलावा, राज्य सरकार शराब दुकानों के संचालन समय में कटौती पर भी विचार कर रही है। अभी TASMAC आउटलेट दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुलते हैं, लेकिन प्रशासन बंद होने का समय रात 8 बजे तक लाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।कड़े नियंत्रणों के बावजूद TASMAC राज्य के राजस्व ढांचे में बड़ी भूमिका निभाता है। 2024-25 में निगम ने उत्पाद शुल्क और VAT के जरिये 48,344 करोड़ रुपये जुटाए, जिससे यह पंजीकरण विभाग के बाद राज्य के लिए दूसरा सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बना रहा।
सरकार ने कहा था कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने आम जनता के कल्याण को ध्यान में रखते हुए दो सप्ताह के भीतर 717 खुदरा शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। इस फैसले को सहयोगी दलों, विपक्षी नेताओं और महिला समूहों का समर्थन मिला। कमल हासन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के पास शराब की दुकानें हटाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, जबकि मंत्री और TVK नेता Selvi S Keerthana ने इसे महिलाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप बताया।
तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पर हमारी पिछली रिपोर्ट में नई TVK सरकार बनने के बाद राज्य के कर्ज और राजकोषीय क्षमता पर बढ़ती बहस का संदर्भ दिया गया था। उसमें बताया गया था कि विजय ने लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का मुद्दा उठाते हुए वित्त पर श्वेत पत्र लाने की बात कही, जबकि मुफ्त बिजली जैसे कल्याणकारी वादों से बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की चर्चा भी रही।
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