ओडिशा सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति जांच में सरकारी इंजीनियर की संपत्तियां जब्त कीं

ओडिशा सतर्कता विभाग ने आय से अधिक संपत्ति जांच में सरकारी इंजीनियर की संपत्तियां जब्त कीं
इंजीनियर की संपत्ति जब्त

ओडिशा में भ्रष्टाचार रोधी कार्रवाई के तहत एक सरकारी इंजीनियर से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी जारी है, जिसमें 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और कई अचल संपत्तियां सामने आई हैं। यह मामला बैकुंठनाथ बेहरा, सहायक कार्यपालक अभियंता, ITDA बलिगुडा, के ज्ञात आय स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों से जुड़ा है।

हाइलाइट्स

  • ओडिशा सतर्कता विभाग ने अभियंता बेहरा और परिवार के नाम 2 करोड़ रुपये नकद, 5 इमारतें, 14 प्लॉट और 45 लाख रुपये जमा संपत्ति जब्त की।
  • भुवनेश्वर विशेष न्यायालय द्वारा जारी वारंट पर छापेमारी में 341 ग्राम सोने के आभूषण, चार बैंक लॉकर और अन्य निवेशों की जांच जारी है।
  • एक अलग कार्रवाई में कटक के लाइनमैन धर्मा निरंजन चौधरी को किसान से 15,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

तलाशी अभियान और बरामद संपत्तियों का दायरा

Financial Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, ANI के अनुसार, ओडिशा सतर्कता विभाग ने शनिवार को भुवनेश्वर, जाजपुर और बारीपदा समेत कई स्थानों पर छापेमारी के दौरान बेहरा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का पता लगाया। विभाग के बयान में कहा गया है कि अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, पांच बहुमंजिला इमारतें, 14 उच्च मूल्य के प्लॉट, 341 ग्राम सोने के आभूषण और 45 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि का पता चला है।Financial Express

एक वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी ने ANI को बताया कि बेहरा और उनकी पत्नी के नाम पर कम से कम चार लॉकर मिले हैं। इनमें से दो बैंक लॉकरों से 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त की गई है और उसकी गिनती बैंक मशीनों से जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, विभाग की तकनीकी शाखा इमारतों और भूखंडों का माप और मूल्यांकन कर रही है। सोने के आभूषण, बैंक जमा, डाक बचत और अन्य वित्तीय निवेशों का आकलन भी जारी है।

यह तलाशी विशेष न्यायाधीश, सतर्कता, भुवनेश्वर द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत चल रही है। अभियान में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पांच उप पुलिस अधीक्षक, छह निरीक्षक और सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं।

सेवा पृष्ठभूमि और व्यापक भ्रष्टाचार रोधी अभियान

तलाशी भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और कंधमाल जिले के बलिगुडा में जारी है। सतर्कता अभिलेखों के मुताबिक, बेहरा ने 1999 में नबरंगपुर ब्लॉक में जूनियर इंजीनियर, सिविल, के रूप में 6,000 रुपये मासिक वेतन पर सरकारी सेवा शुरू की थी।

इसके बाद उन्होंने नबरंगपुर और उडाला में ITDA तथा अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में विभिन्न पदों पर काम किया। अक्टूबर 2016 में उन्हें सहायक अभियंता पद पर पदोन्नत कर ITDA नबरंगपुर में तैनात किया गया, जबकि फरवरी 2026 में उन्हें सहायक कार्यपालक अभियंता बनाकर ITDA बलिगुडा भेजा गया, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं।

इसी बीच एक अलग भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में सतर्कता अधिकारियों ने कटक जिले में TPCODL के अंतर्गत नरसिंहपुर इलेक्ट्रिकल सेक्शन के लाइनमैन-ए धर्मा निरंजन चौधरी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि उन पर एक किसान से उसकी कृषि भूमि पर क्षतिग्रस्त बिजली खंभा बदलने के बदले 15,000 रुपये रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में तेलंगाना की सरकारी कोयला कंपनी SCCL में कथित तौर पर लगभग 40 लाख मीट्रिक टन कोयले के रिकॉर्ड और जमीनी सत्यापन के बीच बड़े अंतर का मुद्दा सामने आया था, जिसे करीब 1,600 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान से जोड़ा गया। लेख में संबंधित खदानों व स्टॉकयार्ड में भौतिक सत्यापन, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान, नुकसान की वसूली और CAG/न्यायिक जांच जैसी मांगों के जरिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया था।

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