JSW MG Motor India चालू वित्त वर्ष में 1,400 करोड़ रुपये निवेश बढ़ाती है
भारत में नई-ऊर्जा वाहनों की मांग बढ़ने के बीच JSW MG Motor India चालू वित्त वर्ष में करीब 1,400 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। यह निवेश नए मॉडल, स्थानीयकरण और गुजरात के हलोल संयंत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है, जबकि कंपनी ने बहु-प्रौद्योगिकी वाहन मंच भी पेश किया है।
हाइलाइट्स
- JSW MG Motor India चालू वित्त वर्ष में 1,400 करोड़ रुपये निवेश कर रही है, जो कुल 4,000 करोड़ रुपये की कैपेक्स योजना का हिस्सा है।
- कंपनी दो नए मास-मार्केट मॉडल, एक plug-in hybrid और एक electric vehicle, इस साल लॉन्च करेगी तथा उत्पादन क्षमता 1,20,000 से 1,60,000 तक बढ़ाएगी।
- MG Adapt प्लेटफॉर्म लॉन्च हुआ, जो EVs, hybrids, plug-in hybrids, REEVs को सपोर्ट करता है, जबकि कंपनी 70 प्रतिशत स्थानीयकरण स्तर हासिल करने का लक्ष्य बना रही है।
नए मॉडल, स्थानीयकरण और क्षमता विस्तार
Forbes India के अनुसार, JSW MG Motor India का यह खर्च निकट अवधि की 4,000 करोड़ रुपये तक की व्यापक पूंजीगत व्यय योजना का हिस्सा है, क्योंकि कंपनी मांग के साथ कदम मिलाने की कोशिश कर रही है। नई दिल्ली में मीडिया गोलमेज के दौरान प्रबंध निदेशक Anurag Mehrotra ने कहा कि यह पूंजी नए मॉडलों के उत्पादन, स्थानीयकरण स्तर बढ़ाने और विनिर्माण क्षमता विस्तार में लगाई जा रही है।
कंपनी इस साल मास-मार्केट खंड में दो और मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें उसका पहला plug-in hybrid और एक electric vehicle शामिल है। Mehrotra ने कहा कि पिछले सितंबर से लागू GST कटौती के सहारे ऑटो उद्योग के मजबूत पहले छह महीनों के बाद दूसरी छमाही में वृद्धि और तेज होनी चाहिए।
स्थानीयकरण भी कंपनी की प्राथमिकता में है और वह जल्द 70 प्रतिशत स्थानीयकरण स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। गुजरात के हलोल संयंत्र में मौजूदा वार्षिक उत्पादन क्षमता 1,20,000 वाहनों की है, जिसे चालू वित्त वर्ष के अंत तक 1,60,000 तक बढ़ाया जा रहा है, जबकि 3,00,000 इकाइयों के लक्ष्य वाली दूसरे चरण की विस्तार योजना अगले साल शुरू होती है।
Mehrotra ने कहा कि मांग पूरी करने के लिए संयंत्र में तीन शिफ्ट चल रही हैं और वहां कर्मचारियों की संख्या 40 प्रतिशत बढ़ाई गई है। यह संकेत देता है कि कंपनी अपने उत्पाद पोर्टफोलियो विस्तार के साथ विनिर्माण ढांचे को भी समानांतर रूप से मजबूत कर रही है।
नई-ऊर्जा रणनीति और बाजार पर असर
कंपनी ने MG Adapt नामक नया मंच पेश किया है, जिसे भारत का पहला ऐसा मंच बताया गया है जो EVs, hybrids, plug-in hybrids और range-extended EVs, REEVs, को समायोजित कर सकता है। REEV ऐसा वाहन होता है जो पूरी तरह electric motor से चलता है, जबकि एक छोटा internal combustion engine केवल बैटरी रिचार्ज करने वाले जनरेटर के रूप में काम करता है।यह तकनीक hybrid से अलग है, क्योंकि hybrid में इंजन और electric motor दोनों कार को चलाने में भूमिका निभा सकते हैं, जबकि शुद्ध EV में इंजन होता ही नहीं। Mehrotra ने कहा कि इस नए मंच पर कई प्रकार की बॉडी शैली बनाई जा सकती हैं, लेकिन इस पर आधारित सभी वाहन चार मीटर से लंबे होंगे, यानी sub-four-metre संस्करण की फिलहाल योजना नहीं है।
JSW MG अपनी पेशकश को "new-energy vehicles" श्रेणी के रूप में देखती है, जिसमें केवल शुद्ध EV नहीं बल्कि कई विद्युतीकृत पावरट्रेन शामिल हैं। हालांकि कंपनी अभी किसी range-extended मॉडल के लिए प्रतिबद्ध नहीं है और कराधान पर स्पष्टता मिलने के बाद ही ऐसे वाहन को बाजार में लाने पर फैसला करेगी।
Mahindra & Mahindra के EV बिक्री रैंकिंग में आगे निकलने के सवाल पर Mehrotra ने कहा कि कंपनी "rat race" में नहीं है और उसका जोर लाभदायक वृद्धि पर है। उनके अनुसार, जब नई-ऊर्जा वाहन अभी कुल बाजार का केवल 8 से 9 प्रतिशत हैं, तब बड़ी संभावना पूरे वर्ग को बढ़ाने में है, और अलग-अलग कीमतों पर अधिक मॉडलों की उपलब्धता उपभोक्ताओं को विद्युतीकरण की ओर खींच सकती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में Nio की रिकॉर्ड डिलीवरी और शेयर में आई तेजी पर चर्चा की गई थी, जहां जून और 2026 की दूसरी तिमाही के मजबूत डिलीवरी आंकड़ों ने कंपनी की परिचालन गति को रेखांकित किया। साथ ही, लेख में तकनीकी संकेतकों के आधार पर बताया गया था कि ओवरबॉट स्थितियों के चलते निकट अवधि में कीमत $4.89–$5.25 के दायरे में कंसोलिडेट हो सकती है और $5.25 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट को अहम स्तर माना गया था।
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