ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Pawan Khera ने एक ट्वीट में कहा कि जिस कंपनी पर डिजिटल ट्रस्ट की जिम्मेदारी है, वह इतनी बड़ी चूक की दोषी नहीं हो सकती। eMudhra द्वारा सुरक्षित सर्टिफिकेट निर्गत करने की प्रक्रिया में अत्यधिक कमजोर क्रिप्टोग्राफिक नियत्रंण की बात सामने आई है, जो डिजिटल ट्रस्ट के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने स्वतंत्र तकनीकी जांच की आवश्यकता पर बल दिया ताकि इस लापरवाही के पीछे की तकनीकी कमियां स्पष्ट हो सकें। विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल सर्टिफिकेशन क्षेत्र में इस प्रकार की चूक वित्तीय और डाटा सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। उद्योग जगत स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया को मजबूत बनाने की मांग कर रहा है।
X पर पोस्ट देखें लोड हो रहा है...
इससे पहले, महाराष्ट्र में जल संकट से जुड़ी निवेश की समस्याओं पर 265 तालुकों में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में डाटा सेंटर में 3,00,000 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस रिपोर्ट में आंकड़ों की पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया गया था। हालिया घटना में तकनीकी चूक और सर्टिफिकेशन सुरक्षा को लेकर फिर से इंडस्ट्री के नियामक उपायों पर ध्यान केंद्रित हुआ है।