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लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Amitabh Kant ने युवाओं की आवास समस्या को लेकर महत्वपूर्ण चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि 2035 तक भारत को लगभग 10 लाख नए छात्रावास बेड की आवश्यकता होगी, जिसके लिए 1,50,000 करोड़ डॉलर से अधिक निवेश की जरूरत है। वर्तमान में केवल 10% छात्र ही संगठित छात्रावासों में रहते हैं। Kant ने इसे देश के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए, संगठित आवास क्षेत्र में तत्काल नीति व निवेश आवश्यक बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में सार्वजनिक व निजी भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवास मिल सकता है।
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हाल ही में अमिताभ कांत ने छह राज्यों में 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश से सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की प्रगति का उल्लेख किया था। इससे पहले उन्होंने बताया कि भारत ने वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन सौदों में 62% आपूर्ति निर्यात के लिए प्रतिबद्धता जताई है। ये घोषणाएँ देश के बुनियादी ढांचे में बढ़ती वित्तीय आवश्यकताओं को रेखांकित करती हैं।