प्रवर्तन निदेशालय ने ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस मामले में निवेशकों को 37.57 लाख रुपये लौटाए

प्रवर्तन निदेशालय ने ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस मामले में निवेशकों को 37.57 लाख रुपये लौटाए
ED ने लौटाए पैसे

तमिलनाडु में निवेशकों से कथित रूप से 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने वाले ब्लूमैक्स कैपिटल सॉल्यूशंस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 37.57 लाख रुपये की राशि पीड़ितों को वापस की है। यह वापसी पीएमएलए की विशेष अदालत, मदुरै के आदेश के बाद हुई है और अन्य पात्र पीड़ितों को भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने Bluemax Capital Solutions Pvt. Ltd. मामले में विशेष अदालत के आदेश के बाद 37,57,697 रुपये निवेशकों को लौटाए।
  • जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने जनता से 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए, फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए अनाधिकृत रहते हुए उन्हें आकर्षक रिटर्न का वादा किया।
  • लगभग 8.89 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी सहित परिसंपत्तियां जब्त, फ्रीज और कुर्क की गईं; मुकदमे की सुनवाई विशेष अदालत में जारी है।

अदालती आदेश के बाद वापसी की प्रक्रिया

प्रवर्तन निदेशालय की एक Enforcement Directorate प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मदुरै उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने पीएमएलए, 2002 के तहत दर्ज मामले में M/s. Bluemax Capital Solutions Pvt. Ltd. और अन्य के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में 37,57,697 रुपये पीड़ित निवेशकों को लौटाए हैं। यह कार्रवाई पीएमएलए की विशेष अदालत, मदुरै द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 8(8) के तहत पारित आदेश के बाद की गई है।

जांच की शुरुआत तमिलनाडु पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। ये मामले निवेशकों की शिकायतों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, टीएनपीआईडी अधिनियम, 1997 और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए थे।

जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने का खुलासा

जांच में सामने आया कि कंपनी ने जनता से 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए। निवेशकों से कहा गया था कि उनकी रकम को फॉरेक्स, कमोडिटी, सोना और अन्य ट्रेडिंग गतिविधियों में लगाया जाएगा और उन्हें आकर्षक रिटर्न का वादा किया गया था, जबकि कंपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए अधिकृत नहीं थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि धन का इस्तेमाल बताए गए तरीके से नहीं किया गया। राशि का एक हिस्सा अन्य संस्थाओं और व्यक्तियों के बैंक खातों के जरिये भेजा गया, जबकि कुछ धन से क्रिप्टो परिसंपत्तियां खरीदी गईं और चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया गया।

जांच के दौरान कई परिसरों में तलाशी ली गई और लगभग 8.89 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी सहित परिसंपत्तियों को जब्त, फ्रीज और कुर्क किया गया। जांच पूरी होने के बाद विशेष अदालत, मदुरै में अभियोजन शिकायत दायर की गई है और मुकदमे की सुनवाई जारी है। अदालत से जिन अन्य पीड़ितों के आवेदन मंजूर हो चुके हैं, उन्हें राशि लौटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में राजस्थान के नेक्सा एवरग्रीन निवेश धोखाधड़ी मामले में ईडी की धनशोधन जांच का अपडेट दिया गया था, जहां हजारों निवेशकों से जुटाई गई राशि और कथित सुनिश्चित रिटर्न योजना की जांच चल रही है। उस लेख में जयपुर की विशेष अदालत में पीएमएलए के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल होने, बड़ी संख्या में निवेशकों के दावों में कमी, और अचल संपत्तियों, बैंक खातों व क्रिप्टो समेत संपत्तियों की जब्ती/फ्रीज/कुर्की की कार्रवाइयों का सार बताया गया था।

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