RBI की 15 जून मुद्रा बाजार परिचालन में शुद्ध तरलता अवशोषण 1.51 लाख करोड़ रुपये पर

RBI की 15 जून मुद्रा बाजार परिचालन में शुद्ध तरलता अवशोषण 1.51 लाख करोड़ रुपये पर
RBI ने की शुद्ध तरलता अवशोषित

भारत के अल्पकालिक धन बाजार में 15 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल कारोबार 7,15,096.23 करोड़ रुपये दर्ज होता है, जिसमें ट्राइपार्टी रेपो सबसे बड़ा हिस्सा रखता है। इसी दिन RBI की तरलता समायोजन सुविधा, स्थायी जमा सुविधा और अन्य परिचालनों के बाद प्रणाली से कुल 1,51,131.21 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित होती है।

हाइलाइट्स

  • 15 जून 2026 को RBI ने मुद्रा बाजार परिचालनों से 1,61,636.00 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित की जिससे कुल स्थिति ऋणात्मक 1,51,131.21 करोड़ रुपये रही।
  • ओवरनाइट खंड में कुल 7,15,096.23 करोड़ रुपये का कारोबार 5.26 प्रतिशत की औसत दर पर हुआ, जिसमें ट्राइपार्टी रेपो 5,12,509.85 करोड़ रुपये रहा।
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की RBI के पास नकद शेष 15 जून को 7,60,831.28 करोड़ रुपये रही, जबकि औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,90,713.00 करोड़ रुपये थी।

15 जून के परिचालन और बाजार दरें

RBI की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/464 के अनुसार, 15 जून 2026 को ओवरनाइट खंड में कुल 7,15,096.23 करोड़ रुपये का एक-पक्षीय कारोबार होता है और इसकी भारित औसत दर 5.26 प्रतिशत रहती है। इस खंड में कॉल मनी 18,322.10 करोड़ रुपये, ट्राइपार्टी रेपो 5,12,509.85 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो 1,77,505.98 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 6,758.30 करोड़ रुपये दर्ज होता है।

टर्म खंड में नोटिस मनी 83.70 करोड़ रुपये पर 5.18 प्रतिशत की भारित औसत दर के साथ दर्ज होती है, जबकि टर्म मनी 1,012.00 करोड़ रुपये के दायरे में 5.55 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत के बीच रहती है। मार्केट रेपो 606.89 करोड़ रुपये पर 5.55 प्रतिशत दर्ज होता है, जबकि ट्राइपार्टी रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो में कोई लेनदेन नहीं होता।

उसी दिन RBI की परिवर्ती दर रेपो परिचालन के तहत 28,220.00 crore रुपये 5.26 प्रतिशत पर निपटान तिथि 16 जून 2026 के लिए दिए जाते हैं। MSF के तहत 5,597.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और SDF के तहत 1,95,453.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप दिन के परिचालनों से 1,61,636.00 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित होती है।

बैंकिंग प्रणाली और तरलता पर असर

RBI के आंकड़ों में स्थायी तरलता सुविधा के तहत 10,504.79 करोड़ रुपये का उपयोग भी दिखता है। बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 10,504.79 करोड़ रुपये रहता है, लेकिन दिन के परिचालनों को शामिल करने पर कुल शुद्ध तरलता स्थिति ऋणात्मक 1,51,131.21 करोड़ रुपये पर रहती है।

आरक्षित स्थिति के आंकड़ों के अनुसार, 15 जून 2026 को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की RBI के पास नकद शेषराशि 7,60,831.28 करोड़ रुपये रहती है। पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,90,713.00 करोड़ रुपये है, जबकि भारत सरकार का अधिशेष नकद शेष 28,220.00 करोड़ रुपये और 31 मई 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,86,400.00 करोड़ रुपये दर्ज होता है।

विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए सरकार और आरबीआई के हालिया कदमों पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि एफपीआई को सरकारी प्रतिभूतियों पर कर छूट दी गई, Fully Accessible Route का दायरा बढ़ाया गया और विदेशी मुद्रा तरलता बढ़ाने के लिए FCNR(B) व फॉरेक्स स्वैप जैसे उपाय किए गए। उस लेख में यह भी रेखांकित किया गया था कि इन कदमों से भुगतान संतुलन और बैंकिंग फंडिंग दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है, हालांकि आवश्यक पूंजी प्रवाह की तुलना में इसे आंशिक समाधान माना गया।

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