आरबीआई की मुद्रा बाजार परिचालन रिपोर्ट में 11 जुलाई को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा
भारतीय बैंकिंग प्रणाली में 11 जुलाई 2026 को रिजर्व बैंक की दैनिक तरलता व्यवस्थाओं के बीच अधिशेष धनराशि बनी रहती है। उसी दिन स्थायी जमा सुविधा के तहत 1,72,088 करोड़ रुपये पार्क किए गए, जिससे दिन के परिचालन से शुद्ध 1,71,611 करोड़ रुपये की तरलता अवशोषित हुई।
हाइलाइट्स
- आरबीआई ने 11 जुलाई 2026 को एक दिन की एमएसएफ के तहत 477 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर उपलब्ध कराए, जबकि एक दिन की एसडीएफ के तहत 1,72,088 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर पार्क हुए।
- दिन के परिचालनों से शुद्ध 1,71,611 करोड़ रुपये की तरलता अवशोषित हुई, जबकि कुल शुद्ध तरलता अवशोषण 1,14,843.18 करोड़ रुपये रही।
- 11 जुलाई 2026 को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के साथ नकद शेषराशि 7,86,290.88 करोड़ रुपये रही, जबकि औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115 करोड़ रुपये बताई गई।
11 जुलाई के तरलता परिचालन और दरें
भारतीय रिजर्व बैंक की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/648 के अनुसार, 11 जुलाई 2026 के मुद्रा बाजार परिचालनों में ओवरनाइट और टर्म खंडों में कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो में कोई लेनदेन दर्ज नहीं हुआ। उसी दिन तरलता समायोजन सुविधा, सीमांत स्थायी सुविधा और स्थायी जमा सुविधा के तहत प्रमुख गतिविधि आरबीआई की स्थायी जमा सुविधा में दिखाई दी।
आरबीआई ने 11 जुलाई को एक दिन की एमएसएफ के तहत 477 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर उपलब्ध कराए, जबकि दो दिन की एमएसएफ राशि शून्य रही। इसके मुकाबले, एक दिन की एसडीएफ के तहत 1,72,088 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर रखे गए और दो दिन की एसडीएफ राशि शून्य रही। इन दैनिक परिचालनों के आधार पर शुद्ध तरलता 1,71,611 करोड़ रुपये अवशोषित हुई।
बकाया परिचालनों में 10 जुलाई की तीन दिन की परिवर्ती दर रेपो नीलामी से 50,015 करोड़ रुपये 13 जुलाई 2026 को परिपक्व होने हैं, जिसकी कट-ऑफ दर 5.26 प्रतिशत है। इसके अलावा, 10 जुलाई की तीन दिन की एमएसएफ में 113 करोड़ रुपये और तीन दिन की एसडीएफ में 3,444 करोड़ रुपये बकाया रहे, जबकि स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत आरबीआई से 10,083.82 करोड़ रुपये का उपयोग दिखाया गया।
बैंकिंग प्रणाली और नकद भंडार पर असर
बकाया परिचालनों से शुद्ध 56,767.82 करोड़ रुपये की तरलता इंजेक्ट हुई, लेकिन दिन के परिचालनों को शामिल करने पर कुल शुद्ध तरलता 1,14,843.18 करोड़ रुपये अवशोषण में रही। यह संकेत देता है कि बैंकिंग प्रणाली में अल्पकालिक अधिशेष धनराशि को आरबीआई की जमा खिड़कियों में पार्क किया जा रहा है, जबकि उधारी की तत्काल मांग सीमित है।अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के साथ नकद शेषराशि 11 जुलाई 2026 को 7,86,290.88 करोड़ रुपये रही। 15 जुलाई 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115 करोड़ रुपये बताई गई, जबकि 10 जुलाई 2026 तक नीलामी के लिए मानी गई भारत सरकार की अधिशेष नकद शेषराशि 50,015 करोड़ रुपये रही।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 15 जून 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता 4,82,130 करोड़ रुपये के अधिशेष में थी। यह पृष्ठभूमि बताती है कि केंद्रीय बैंक की दैनिक परिचालन संरचना अभी भी प्रणाली में उपलब्ध अधिशेष को सोखने पर केंद्रित है, न कि व्यापक धन की कमी को पूरा करने पर।
हमारी पिछली रिपोर्ट में FY27 की पहली तिमाही में बड़ी भारतीय कंपनियों की आय के अनुमान और मार्जिन पर दबाव के प्रमुख कारकों पर चर्चा की गई थी। इसमें असमान उपभोक्ता मांग, कुछ क्षेत्रों में बढ़ती इनपुट लागत, पश्चिम एशिया के तनाव और रुपये की कमजोरी के असर—खासकर तेल-गैस, IT और FMCG जैसे सेक्टरों में—को रेखांकित किया गया था।
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