RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 12 जुलाई को 1.15 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी दिखी

RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 12 जुलाई को 1.15 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी दिखी
RBI की तरलता रिपोर्ट

भारतीय बैंकिंग प्रणाली में 12 जुलाई 2026 को रिजर्व बैंक की दैनिक परिचालन गतिविधियों के बाद शुद्ध तरलता अवशोषण बना रहता है। उसी दिन स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के तहत 1,72,284 करोड़ रुपये पार्क किए गए, जबकि मनी मार्केट के ओवरनाइट और टर्म खंडों में कोई लेनदेन दर्ज नहीं हुआ।

हाइलाइट्स

  • RBI ने 12 जुलाई 2026 को मनी मार्केट ऑपरेशंस के जरिए शुद्ध तरलता निकासी 1,71,544 करोड़ रुपये दर्ज की।
  • बकाया परिचालन समेत कुल शुद्ध तरलता स्थिति 1,14,776.18 करोड़ रुपये के अवशोषण पर पहुंची, जबकि स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत 10,083.82 करोड़ रुपये सुविधा ली गई।
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का 12 जुलाई तक RBI में नकद शेष 7,86,316.47 करोड़ रुपये रहा, जबकि औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये है।

12 जुलाई की तरलता स्थिति और RBI परिचालन

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की 12 जुलाई 2026 की मनी मार्केट ऑपरेशंस विज्ञप्ति के अनुसार, दिन की परिचालन गतिविधियों से शुद्ध तरलता निकासी 1,71,544 करोड़ रुपये रही। उसी दिन मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी के तहत 740 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के तहत 1,72,284 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज हुए।

रिपोर्ट में ओवरनाइट खंड, जिसमें कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो शामिल हैं, सभी में शून्य कारोबार दिखाया गया है। टर्म खंड, जिसमें नोटिस मनी, टर्म मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो शामिल हैं, उसमें भी कोई लेनदेन नहीं हुआ।

बकाया परिचालनों में 10 जुलाई की 3-दिवसीय वेरिएबल रेट रेपो बोली से 50,015 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर परिपक्वता के लिए लंबित रहे। इसके साथ 10 जुलाई की 3-दिवसीय MSF राशि 113 करोड़ रुपये और 3-दिवसीय SDF राशि 3,444 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जबकि 11 जुलाई की 2-दिवसीय MSF और SDF दोनों में शून्य राशि रही।

बैंकिंग प्रणाली और आरक्षित नकदी पर प्रभाव

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 56,767.82 करोड़ रुपये रहा, लेकिन दिन के परिचालनों को शामिल करने पर कुल शुद्ध तरलता स्थिति 1,14,776.18 करोड़ रुपये के अवशोषण पर पहुंचती है। स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत RBI से 10,083.82 करोड़ रुपये की सुविधा भी ली गई।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का 12 जुलाई 2026 तक RBI के पास नकद शेष 7,86,316.47 करोड़ रुपये रहा, जबकि 15 जुलाई 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये है। सरकार की 10 जुलाई 2026 की नीलामी के लिए मानी गई अधिशेष नकद शेषराशि 50,015.00 करोड़ रुपये रही, जबकि 15 जून 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,82,130.00 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

हमारी पिछली रिपोर्ट में FY27 की पहली तिमाही में बड़ी भारतीय कंपनियों की आय के अनुमान और मार्जिन पर दबाव के प्रमुख कारणों—असमान मांग, बढ़ती इनपुट लागत, रुपये की कमजोरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं—पर चर्चा की गई थी। उसमें बताया गया था कि Nifty कंपनियों की आय में सालाना वृद्धि संभव है, लेकिन तेल-गैस और कुछ अन्य क्षेत्रों में लाभप्रदता पर दबाव तथा IT में संभावित फॉरेक्स नुकसान जैसे जोखिम बने रह सकते हैं।

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