RBI ने फिनटेक स्व-नियामक ढांचे में UFF को SRO-FT मान्यता दी

RBI ने फिनटेक स्व-नियामक ढांचे में UFF को SRO-FT मान्यता दी
RBI ने UFF को SRO-FT दी

भारतीय फिनटेक क्षेत्र के स्व-नियामक ढांचे का विस्तार करते हुए रिजर्व बैंक ने Unified Fintech Forum, UFF, को Self-Regulatory Organisation in the FinTech Sector, SRO-FT, के रूप में मान्यता दी है। इससे पहले RBI अगस्त 2024 में FinTech Association for Consumer Empowerment, FACE, को इस क्षेत्र की पहली SRO-FT मान्यता दे चुका था।

हाइलाइट्स

  • RBI ने UFF, CIN No. U91990KA2016NPL096977, को आवश्यक नियामकीय समीक्षा के बाद SRO-FT के रूप में आधिकारिक मान्यता दी।
  • UFF को मान्यता देने से फिनटेक उद्योग के लिए स्व-नियमन का ढांचा और प्रवेश मंच विस्तृत हुआ, क्षेत्र को बेहतर संवाद और अनुपालन सहयोग मिलेगा।
  • FACEs के बाद UFF दूसरी मान्यता प्राप्त SRO-FT संस्था बनी, जिससे फिनटेक उद्योग में प्रसिद्धि, उपभोक्ता हित और नियामकीय समन्वय को मजबूती मिलेगी।

मान्यता प्रक्रिया और नियामकीय निर्णय

RBI की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/1088 के अनुसार, केंद्रीय बैंक को UFF से SRO-FT के रूप में मान्यता के लिए आवेदन मिला था, जिसे प्रासंगिक ढांचे की आवश्यकताओं के आधार पर परखा गया। इस समीक्षा के बाद RBI ने UFF, CIN No. U91990KA2016NPL096977, को SRO-FT के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया।

यह कदम फिनटेक क्षेत्र में औपचारिक स्व-नियामक संस्थागत व्यवस्था को आगे बढ़ाता है। RBI ने 28 अगस्त 2024 की प्रेस विज्ञप्ति के जरिए FACE को इस श्रेणी में पहली मान्यता दी थी।

फिनटेक क्षेत्र पर संभावित प्रभाव

UFF को मान्यता मिलने से फिनटेक उद्योग के लिए स्व-नियमन का ढांचा व्यापक होता है और उद्योग भागीदारी के लिए एक अतिरिक्त मान्यता प्राप्त मंच उपलब्ध होता है। इससे क्षेत्र में अनुपालन, संवाद और नियामकीय अपेक्षाओं के साथ तालमेल को संस्थागत समर्थन मिलने की संभावना है।

भारत में फिनटेक गतिविधियों के बढ़ते दायरे के बीच एक से अधिक मान्यता प्राप्त SRO-FT संस्थाओं की मौजूदगी उद्योग प्रतिनिधित्व को अधिक संरचित बना सकती है। यह व्यवस्था उपभोक्ता हित, क्षेत्रीय मानकों और नियामकीय समन्वय को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जाती है।

Equifax Credit Information Services पर RBI का मौद्रिक दंड हमारी पिछली रिपोर्ट का केंद्र था, जहां केंद्रीय बैंक ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम से जुड़े अनुपालन ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन में कमियों के आधार पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हमने बताया था कि यह कार्रवाई पूरे वित्तीय क्षेत्र के लिए RBI के सख्त अनुपालन संदेश को रेखांकित करती है, ताकि सिस्टम की अखंडता, उपभोक्ता भरोसा और वित्तीय प्रणाली में विश्वास बनाए रखा जा सके।

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