अमेरिका में महंगाई की चिंताओं के बीच सोना $4,000 का स्तर कायम रखने में जूझ रहा
मंगलवार को सोना $4,000 प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा था। निवेशक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले की तैयारी कर रहे थे, जो कीमती धातुओं की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। महंगाई की चिंताओं, ऊर्जा की ऊंची लागत और इस अनिश्चितता के कारण कीमतों पर दबाव बना रहा कि क्या इस साल अमेरिकी उधार दरें फिर बढ़ेंगी।
हाइलाइट्स
- स्पॉट गोल्ड $4,000 प्रति औंस से नीचे फिसला।
- बाजार इस हफ्ते फेड की दर वृद्धि की 10% संभावना देख रहे हैं।
- ऊर्जा की ऊंची कीमतों और महंगाई के जोखिमों से सोने पर दबाव।
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स्पॉट गोल्ड 0.58% गिरकर $3,993.805 प्रति औंस पर आ गया, जबकि दिसंबर के गोल्ड फ्यूचर्स 0.80% गिरकर $4,005.97 पर आ गए। ब्लूमबर्ग ने बताया कि ट्रेडर्स मौद्रिक नीति में और सख्ती की संभावना तथा वित्तीय बाजारों में बदलते रुझान का आकलन कर रहे थे, जबकि सोने की कीमतें मनोवैज्ञानिक रूप से अहम $4,000 के स्तर के आसपास स्थिर हुई थीं।
फेड की उम्मीदों से सोने पर दबाव बरकरार
फेडरल रिजर्व से व्यापक रूप से उम्मीद है कि वह अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा। फ्यूचर्स बाजार तत्काल दर वृद्धि की लगभग 10% संभावना जता रहे हैं, हालांकि महंगाई के लगातार बने जोखिमों के कारण इस साल बाद में मौद्रिक नीति सख्त होने की आशंका पर नजर बनी हुई है।
हाल के हफ्तों में उम्मीदों में काफी बदलाव आया है। महंगाई के उम्मीद से अधिक मजबूत आंकड़ों ने शुरू में अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की अटकलों को हवा दी थी, लेकिन फेड अधिकारियों की टिप्पणियों के बाद ये उम्मीदें घट गईं।
आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने को कम आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि इस धातु से कोई आय नहीं होती। इससे अमेरिकी डॉलर को भी समर्थन मिल सकता है, जिससे अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वालों के लिए सोना महंगा हो जाता है।
पिछले सत्र में सोना लगभग 0.5% चढ़ा, लेकिन शुक्रवार को जुलाई के मध्य के बाद के सबसे निचले स्तर पर गिरने के बाद से यह लगातार उबरने में संघर्ष कर रहा है।
ऊर्जा कीमतों और शेयर बाजारों से बढ़ी अनिश्चितता
ईरान से जुड़ा संघर्ष ऊर्जा बाजारों के जरिए महंगाई की उम्मीदों को प्रभावित कर रहा है। नए सिरे से कूटनीतिक प्रयासों से तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन क्षेत्रीय आपूर्ति में व्यवधान की चिंताएं बनी हुई हैं।
ऊर्जा की महंगी कीमतें महंगाई का दबाव बनाए रख सकती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में ढील देने की क्षमता सीमित हो सकती है।
टेक्नोलॉजी शेयरों में उतार-चढ़ाव से जुड़ी बिकवाली का भी सोने पर असर पड़ा है। पिछले सप्ताह AI से जुड़े शेयरों में गिरावट के दौरान, कुछ निवेशकों ने अन्य जगहों के नुकसान की भरपाई के लिए सोने की होल्डिंग घटाई।
इसके बाद शेयर बाजारों ने कुछ नुकसान की भरपाई की है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों में नए सिरे से रुचि ने इसे सहारा दिया। इससे बाजार का तात्कालिक तनाव कम हुआ है, लेकिन सोने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
$4,000 का स्तर बाजार के लिए अहम परीक्षा
फेड की घोषणा से पहले $4,000 के आसपास सोने की स्थिति निवेशकों के भरोसे का अहम संकेत बन गई है।
इस स्तर से लगातार नीचे गिरने पर $3,886 प्रति औंस के आसपास के तकनीकी समर्थन पर ध्यान बढ़ सकता है। Standard Chartered के कमोडिटी रिसर्च ने इसे संभावित गिरावट की सीमा के रूप में चिह्नित किया है।
निवेशकों के लिए तत्काल सवाल यह है कि क्या महंगाई के जोखिम स्थिर ब्याज दरों की उम्मीदों पर भारी पड़ेंगे। फेड का फैसला और उसके बाद के संकेत तय कर सकते हैं कि सोना फिर रफ्तार पकड़ेगा या हालिया गिरावट जारी रखेगा।
जैसा कि हमने पहले बताया था, अमेरिकी डॉलर से हटने की रफ्तार बढ़ने के साथ अफ्रीकी केंद्रीय बैंक सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं ।
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