Maruti Suzuki की FY26 बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

Maruti Suzuki की FY26 बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव
रिकॉर्ड बिक्री, मुनाफे पर दबाव

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki India FY26 में बिक्री, राजस्व और निर्यात के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर दर्ज करती है, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ने से लाभ वृद्धि सीमित रहती है। कंपनी 100 प्रतिशत क्षमता उपयोग, 1.9 लाख ऑर्डर बैकलॉग और कम डीलर इन्वेंटरी के बीच उत्पादन बढ़ाने की योजना पर आगे बढ़ रही है।

हाइलाइट्स

  • FY26 में Maruti Suzuki की शुद्ध बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ सिर्फ 1 प्रतिशत बढ़कर 14,445 करोड़ रुपये रहा, क्योंकि मटेरियल लागत अनुपात 210 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 75.9 प्रतिशत हो गया।
  • जनवरी-मार्च तिमाही का राजस्व 28.9 प्रतिशत बढ़कर पहली बार 50,000 करोड़ रुपये पार गया, लेकिन निवेश आय पर mark-to-market नुकसान से शुद्ध लाभ 6.9 प्रतिशत घटकर 3,591 करोड़ रुपये रह गया।
  • FY26 में निर्यात 34.6 प्रतिशत बढ़कर 4,47,774 यूनिट और बोर्ड ने रिकॉर्ड 140 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की, जबकि कंपनी पूरे साल 100 प्रतिशत क्षमता उपयोग पर रही।

तिमाही नतीजे और लागत का दबाव

Forbes India के अनुसार, Maruti Suzuki India की शुद्ध बिक्री FY26 में 20 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जबकि पूरे वर्ष का शुद्ध लाभ केवल 1 प्रतिशत बढ़कर 14,445 करोड़ रुपये होता है, क्योंकि मटेरियल लागत अनुपात 210 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 75.9 प्रतिशत हो जाता है। जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी का राजस्व पहली बार 50,000 करोड़ रुपये के पार जाता है, जो एक साल पहले की तुलना में 28.9 प्रतिशत अधिक है, लेकिन निवेश आय पर mark-to-market नुकसान के कारण शुद्ध लाभ 6.9 प्रतिशत घटकर 3,591 करोड़ रुपये रह जाता है।

पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चेयरमैन RC Bhargava कहते हैं कि अभी तक घरेलू मांग या उत्पादन पर कोई ठोस असर नहीं दिखता। हालांकि वह ऊंची लागत और ईंधन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के जोखिम को स्वीकार करते हैं, लेकिन इस चरण पर उस पर टिप्पणी को अटकल मानते हैं।

क्षमता विस्तार और निर्यात में बढ़त

कंपनी के लिए FY26 की प्रमुख कहानी entry-level कारों में मांग की वापसी है, जिसे छोटे वाहनों पर GST घटकर 18 प्रतिशत होने से सहारा मिलता है। लंबित 1.9 लाख ग्राहक ऑर्डरों में से करीब 1.3 लाख, यानी लगभग 68 प्रतिशत, छोटे कार खंड से जुड़े हैं, हालांकि उत्पादन बाधाओं के कारण mini segment की बिक्री FY26 में 10.7 प्रतिशत घटती है और कुल बिक्री में उसकी हिस्सेदारी 5.7 प्रतिशत रहती है।

Maruti Suzuki अब 100 प्रतिशत उपयोग पर चल रही है और मांग आपूर्ति से आगे बनी हुई है। इस अंतर को पाटने के लिए कंपनी एक वर्ष में 5,00,000 यूनिट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना पर काम कर रही है, जिसे Haryana के Kharkhoda और Gujarat संयंत्रों के बीच बराबर बांटा जाता है; Managing Director & CEO Hisashi Takeuchi के अनुसार, एक ही साल में इतनी क्षमता वृद्धि वैश्विक स्तर पर मिसाल रहित है।

कंपनी FY31 तक 40 लाख यूनिट वार्षिक क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य पर कायम है। Bhargava कहते हैं कि इस विस्तार के साथ mini segment में बिक्री इस वर्ष बढ़ने की उम्मीद है, जबकि Maruti Suzuki लगातार पांचवें वर्ष भारत की सबसे बड़ी passenger vehicle exporter बनी रहती है; FY26 में निर्यात 34.6 प्रतिशत बढ़कर 4,47,774 यूनिट हो जाता है और चौथी तिमाही का निर्यात 1,37,215 यूनिट के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचता है।

बोर्ड FY26 के लिए 140 रुपये प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश करता है, जो कंपनी के इतिहास में सबसे ऊंचा स्तर है। यह कदम मार्जिन पर दबाव बने रहने के बावजूद नकदी सृजन पर प्रबंधन के भरोसे को दर्शाता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम एशिया के युद्ध के शुरुआती असर के संकेत के तौर पर मार्च में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि (IIP) के 4.1% तक फिसलने की चर्चा की गई थी। लेख में विनिर्माण और बिजली उत्पादन में नरमी के साथ-साथ उपयोग-आधारित श्रेणियों के रुझानों पर भी बात हुई थी, और यह संभावना जताई गई थी कि अनिश्चितता का असर आने वाली तिमाहियों में अधिक स्पष्ट हो सकता है।

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