ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
IMF और विश्व बैंक ने बीते दो दशकों से चीन के व्यापार अधिशेष और वैश्विक असंतुलन को उजागर किया है। Dr Arvind Virmani ने एक ट्वीट में बताया कि उन्होंने 2006 में बीजिंग स्थित IMF सेमिनार में भी यही मुद्दे सुने थे। पिछले पाँच वर्षों में, चीन का मर्चेंडाइज ट्रेड सरप्लस लगातार तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बढ़त के पीछे वैश्विक नीतियां और विनिमय दर प्रबंधन मुख्य कारक रहे हैं। आगे की जानकारी के लिए संबंधित शोधपत्र का उल्लेख अगले ट्वीट में दिया गया है।
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Dr Arvind Virmani ने इससे पहले भी भारत के मैक्रोइकोनॉमिक प्रबंधन पर शोध प्रस्तुत किया है। उन्होंने चीन नकली वस्तुओं और उसके आर्थिक प्रभावों पर विश्लेषण किया था। दोनों विषयों में उन्होंने वैश्विक असंतुलन व विनियामक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया है।