General Motors ने भारत में ACDelco आफ्टरमार्केट ब्रांड का लाइसेंसिंग के जरिए फिर से विस्तार किया
भारत से 2017 में घरेलू कार बिक्री बंद करने के करीब एक दशक बाद जनरल मोटर्स ने देश में दोबारा मौजूदगी दर्ज कराई है, लेकिन इस बार फोकस गाड़ियों की बिक्री पर नहीं है। कंपनी के मुताबिक उसने ऑटोमोटिव पार्ट्स और रिप्लेसमेंट के बढ़ते बाजार को निशाना बनाते हुए ACDelco ब्रांड को लाइसेंसिंग साझेदारी के जरिए फिर से लॉन्च किया है।
हाइलाइट्स
- General Motors ने Assurance International Limited के साथ लाइसेंसिंग साझेदारी की, जिसके तहत भारत में ACDelco ब्रांड की बैटरियां और ल्यूब्रिकेंट पुनः लॉन्च होंगी।
- Assurance ने हिसार में 180 करोड़ रुपये का निवेश ल्यूब्रिकेंट प्लांट और 300 करोड़ रुपये बैटरी यूनिट के लिए करने की योजना बनाई, जिसमें प्रतिदिन 1 लाख लीटर और 25,000 यूनिट उत्पादन क्षमता लक्ष्य है।
- भारत का आफ्टरमार्केट सेगमेंट 12 बिलियन डॉलर से अधिक का है, जिसमें GM आफ्टरमार्केट रिपेयर और रिप्लेसमेंट इकोसिस्टम से स्थिर मार्जिन पर केंद्रित रणनीति अपना रहा है।
Forbes India के अनुसार, सोमवार को General Motors ने Assurance International Limited के साथ लाइसेंसिंग पार्टनरशिप के जरिए भारत में अपने ग्लोबल आफ्टरमार्केट ब्रांड ACDelco को दोबारा लॉन्च किया। इस समझौते के तहत Assurance भारतीय बाजार के लिए ACDelco ब्रांडेड बैटरी और ल्यूब्रिकेंट का निर्माण और वितरण करेगी। शुरुआत में पोर्टफोलियो में पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों के लिए ऑटोमोटिव बैटरियां और हाई-परफॉर्मेंस ल्यूब्रिकेंट शामिल होंगे। ACDelco का भारत में कारोबार 2020 में बंद हो गया था, जिसे अब नए मॉडल के साथ फिर शुरू किया जा रहा है।
स्थानीय निर्माण, निवेश और क्षमता
उत्पादन Assurance की हरियाणा के हिसार स्थित सुविधाओं में स्थानीय रूप से किया जाएगा, ताकि कीमतें प्रतिस्पर्धी रखी जा सकें और ACDelco की ब्रांड पहचान का लाभ मिल सके। कंपनी ने ल्यूब्रिकेंट ब्लेंडिंग और पैकेजिंग प्लांट में लगभग 180 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसकी क्षमता 1 लाख लीटर प्रतिदिन बताई गई है। इसके अलावा, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश तीन साल में करने की योजना है। यह यूनिट अप्रैल से उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है और आगे चलकर लगभग 25,000 यूनिट प्रतिदिन की क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है।भारत के आफ्टरमार्केट पर दांव और रणनीतिक संदर्भ
यह कदम भीड़भाड़ वाले कार बाजार में सीधे प्रतिस्पर्धा करने के बजाय रिपेयर और रिप्लेसमेंट इकोसिस्टम से स्थिर मार्जिन पाने की रणनीति के अनुरूप है। लेख में कहा गया है कि भारत का ‘व्हीकल पार्क’ 300 मिलियन से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे आफ्टरमार्केट उद्योग का आकार विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक सालाना 12 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। Managing Director राकेश शर्मा ने लॉन्च के मौके पर कहा कि यह साझेदारी ACDelco की वैश्विक आफ्टरमार्केट विरासत को Assurance की मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमताओं के साथ जोड़ती है। Chevrolet Sales India में कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए इंडिया कंट्री लीड महेश रविंद्रन के मुताबिक, यह री-लॉन्च स्थानीय साझेदारियों के जरिए GM के आफ्टरमार्केट फुटप्रिंट बढ़ाने की वैश्विक रणनीति से मेल खाता है।हमने पहले रायसीना डायलॉग में विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान पर रिपोर्ट किया था, जिसमें उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका को घरेलू आर्थिक मजबूती और हिंद महासागर क्षेत्र में व्यावहारिक साझेदारियों से जोड़ते हुए संसाधन-आधारित सहयोग बढ़ाने की बात कही थी। उस रिपोर्ट में समुद्री सुरक्षा, संकटग्रस्त जहाजों को मानवीय सहायता और व्यापारिक जहाजों पर जोखिम के असर—जैसे सप्लाई चेन, बीमा लागत और भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा—पर भी चर्चा की गई थी।
नवीनतम Volkswagen समाचार
- Forex
- Crypto